ब्रेकिंग न्यूज़

बेगूसराय में बारात का ‘टशन’ पड़ा भारी: हथियार लहराने वाले 4 के खिलाफ FIR दर्ज, छापेमारी जारी VAISHALI: गोरौल नगर पंचायत कचरा डंपिंग जोन में लगी भीषण आग, मची अफरा-तफरी समस्तीपुर पुलिस की बड़ी सफलता: हथियार और कारतूस के साथ तीन शातिर अपराधी गिरफ्तार बिहार एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई: बिहार और यूपी में वांछित दो कुख्यात नक्सली को दो जिलों से दबोचा गोपालगंज: दहीभाता पुल लूटकांड का खुलासा, तीन नाबालिग समेत पांच आरोपी गिरफ्तार 22,771 सिपाही बहाली के लिए सोशल मीडिया पर फर्जी विज्ञापन जारी, CSBC ने दी यह चेतावनी मुशहरी में जन संवाद में फूटा जनाक्रोश: विधायक बेबी कुमारी ने दिया अल्टीमेटम, भ्रष्टाचार बंद करो वरना होगी कार्रवाई मुजफ्फरपुर: कल इन इलाकों में घंटों गुल रहेगी बिजली, मेंटेनेंस को लेकर विभाग ने जारी किया अलर्ट लाइव रिपोर्टिंग के दौरान पत्रकार पर मिसाइल हमला, बाल-बाल बची जान, देखिये वायरल वीडियो गया में शतचंडी महायज्ञ की भव्य शुरुआत, छात्रों की सफलता और विश्व शांति के लिए प्रार्थना

Home / news / बिहार विधानमंडल का शीतकालीन सत्र : कार्यमंत्रणा समिति की बैठक शुरू, सदन में...

बिहार विधानमंडल का शीतकालीन सत्र : कार्यमंत्रणा समिति की बैठक शुरू, सदन में पेश हुआ द्वितीय अनुपूरक बजट

06-Nov-2023 11:43 AM

By First Bihar

PATNA : बिहार विधानसभा का शीतकालीन सत्र शुरू हो गया। सत्र की शुरुआत के मौके पर विधानसभा अध्यक्ष ने पक्ष-विपक्ष के सदस्यों से सत्र के सुचारू संचालन में सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि इस छोटे से सत्र का जनसमस्याओं के निदान के लिए बेहतर उपयोग किया जा सकता है। विधानसभा अध्यक्ष ने शीतकालीन सत्र के लिए पीठासीन पदाधिकारियों का मनोनयन और कार्यमंत्रणा समिति का गठन किया।  इसके बाद अब स्पीकर के कमरे में ही कार्यमंत्रणा समिति की बैठक की जा रही है। 


वहीं, सत्र के पहले दिन विधान सचिव की ओर से पिछले सत्र से अब तक की अवधि में राज्यपाल से स्वीकृत विधेयकों की प्रति सभा पटल पर रखी। वहीं वित्त विभाग के प्रभारी मंत्री की ओर से द्वितीय अनुपूरक बजट को पेश किया। इससे पाहले स्पीकर ने बताया कि आज सत्र की समाप्ति के बाद कार्यमंत्रणा समिति की बैठक होगी। लिहाजा अब यह बैठक की जा रही है।


मालूम हो कि,  कार्य मंत्रणा समिति का गठन ऐसे  सरकारी विधेयकों के प्रक्रम और प्रक्रमों तथा ऐसे अन्य किसी कार्य पर चर्चा करने हेतु समय के आवंटन के संबंध में सिफारिश करती है, जिन्हें सभापति द्वारा सभा के नेता के परामर्श से समिति  को भेजे जाने का निर्देश दिया जाता है। इसमें सदस्यों की संख्या 15 होती है।