भतीजे ने पैर छुकर आशीर्वाद लिया तो नरम हो गये पशुपति पारस, कहा..खून का रिश्ता कभी समाप्त नहीं हो सकता बिहार में अपराधियों का तांडव जारी, पूर्व मंत्री के करीबी की गोली मारकर हत्या, रोते हुए BJP नेता ने की कार्रवाई की मांग बेगूसराय में 12 घंटे में तीसरी वारदात, नाबालिग छात्र आयुष की गोली मारकर हत्या दो सगे भाइयों से शादी रचाने वाली महिला प्रेग्नेंट, घर में आने वाला है नया मेहमान बिहटा में पीडियाट्रिक एंडोक्राइनोलॉजी कार्यशाला का सफल आयोजन, ग्रोथ हार्मोन थेरेपी पर विशेषज्ञों ने दी जानकारी बेलगाम स्कॉर्पियो ने 2 युवतियों को रौंदा, मौत से गुस्साए लोगों ने किया सड़क जाम हंगामा बिहार बोर्ड इंटर परीक्षा में गोल संस्थान का शानदार प्रदर्शन, कई छात्रों ने 90% से अधिक अंक हासिल किए, कोचिंग के छात्रों ने मनाया सफलता का उत्सव बिहार में नहीं थम रहा भूमि विवाद का मामला, सासाराम में जमीन के लिए हत्या बिहार दिवस 2026: डॉ. एन. विजयलक्ष्मी की भरतनाट्यम प्रस्तुति ने बांधा समां, शक्ति आराधना और देशभक्ति का अद्भुत संगम चैती छठ का तीसरा दिन: अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को व्रतियों ने दिया अर्घ्य, पटना के घाटों पर दिखी श्रद्धालुओं की भारी भीड़
10-Aug-2024 07:04 PM
By First Bihar
PATNA: डॉक्टर को दूसरा भगवान का दर्जा दिया जाता है क्योंकि कई जटिल रोगों की वज़ह से लोगों का जीवन जीना मुश्किल हो जाता है और डॉक्टर ही है, जो लोगों का इलाज कर नया जीवन देने का काम करते हैं। ऐसे ही हड्डी रोग से जुड़े असाध्य रोगों का इलाज अब पटना में आशीष जॉइंट् रिप्लेसमेंट केयर मे रोबोटिक तकनीक से सम्भव हो रहा है।
आशीष जॉइंट् रिप्लेसमेंट केयर के डायरेक्टर डॉ. आशीष सिंह ने बताया कि पश्चिम बंगाल से आये मरीज़ बीरबल साहू विगत 14 वर्षों से बेड पर थे और अपना पैर भी सीधा नहीं कर पाते थे। मेडिकल भाषा मे इस बीमारी को एनकोलाइजिंग स्पांडिलाइटिस (Ankylosing Spondylitis) और समान्य भाषा मे गठीया रोग कहा जाता है। एक प्रकार से यह एक जटिल बीमारी थी, जिसे रोबोटिक तकनीक से दोनों कुल्हा का सफल ऑपरेशन कर दिया गया है और 14 वर्षों के बाद मरीज़ अब चलने फिरने लगा है।
डॉ आशीष कुमार ने बताया कि पूरे बिहार ही नहीं बल्कि पूर्वी भारत के क्षेत्र मे रोबोटिक तकनीक से इलाज का यह एकमात्र अस्पताल है, जहां हड्डी रोग से जुड़े हर बीमारी का इलाज रोबोटिक तकनीक से किया जाता है।हमारे यहां बिहार ही नहीं बल्कि झारखंड, बंगाल, असम एवं बांग्लादेश से मरीज़ अपना इलाज करवाने आते है और हमारे यहां CGHS एवं आयुष्मान भारत कार्ड से इलाज की सुविधा भी उपलब्ध हैं।
वहीं पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी जिले से आये मरीज़ बीरबल साहू ने बताया कि उन्होंने तो अपने जीवन को दूसरे पर बोझ और बेकार मान निराश हो चुके थे लेकिन उनकी पत्नी ने पूरा घर भी चलाया और इस अस्पताल में लेकर आयी। सही में डॉक्टर आशीष सर मेरे लिए भगवान की तरह है जिन्होंने मुझे नया जीवन दिया। उन्होंने तहे दिल से डॉक्टर आशीष को को धन्यवाद दिया है।
