ब्रेकिंग न्यूज़

देशभर के मेडिकल कॉलेजों में डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड अनिवार्य, अब हर मरीज के लिए आभा नंबर जरूरी; बिहार में भी जल्द लागू होगी नई व्यवस्था देशभर के मेडिकल कॉलेजों में डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड अनिवार्य, अब हर मरीज के लिए आभा नंबर जरूरी; बिहार में भी जल्द लागू होगी नई व्यवस्था Bihar news : बड़ी लापरवाही! शौचालय का वेंटिलेटर तोड़कर दो लड़कियां फरार, प्रशासन में हड़कंप LPG संकट का असर: पति ने नहीं भरवाया सिलेंडर में गैस, घर छोड़कर चली गई पत्नी LPG संकट का असर: पति ने नहीं भरवाया सिलेंडर में गैस, घर छोड़कर चली गई पत्नी BIHAR NEWS : हाईटेक निगरानी से खनन माफियाओं पर शिकंजा, अब हर ट्रक पर डिजिटल नजर; चलते -चलते हो जाएगा नाप -तौल नहाय-खाय के साथ आज से चैती छठ की शुरुआत, रंग-बिरंगी लाइटों से जगमग होंगे पटना के 49 घाट; सुरक्षा के व्यापक इंतजाम नहाय-खाय के साथ आज से चैती छठ की शुरुआत, रंग-बिरंगी लाइटों से जगमग होंगे पटना के 49 घाट; सुरक्षा के व्यापक इंतजाम Bihar new road project : अब सफर होगा आसान! इस जिलें में 5 नई सड़कों से ट्रैफिक होगा फ्री; जानिए किस-किस इलाके में होगा निर्माण भारत-नेपाल सीमा पर SSB का बड़ा एक्शन, फर्जी आधार कार्ड के साथ बांग्लादेशी नागरिक को दबोचा

Home / news / अब बैंकों के Privatisation के विरोध में उतरे किसान नेता राकेश टिकैत, 6...

अब बैंकों के Privatisation के विरोध में उतरे किसान नेता राकेश टिकैत, 6 दिसंबर को संसद में बिल पेश करेगी मोदी सरकार

05-Dec-2021 07:55 AM

DESK : मोदी सरकार 6 दिसंबर को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण का बिल संसद में पेश करने जा रही है. इसे लेकर बैंक कर्मी खासे उद्देलित हैं और इसका पुरजोर विरोध कर रहे हैं, इसे लेकर बैंक कर्मी किसी भी मोर्चे पर लड़ाई लड़ने के मूड में हैं. 


वहीं उनके समर्थन में किसान नेता राकेश टिकैत भी आ गए हैं और उन्होंने कहा है कि निजीकरण के खिलाफ देशभर में साझा आंदोलन की जरूरत है. इसे लेकर किसान नेता राकेश टिकैत ने मोर्चा खोलने की बात कही है.


राकेश टिकैत ने ट्वीट कर कहा है कि हमने आंदोलन की शुरुआत में आगाह किया था कि अगला नंबर बैंकों का होगा. नतीजा देखिए, 6 दिसंबर को संसद में सरकारी बैंकों के निजीकरण का बिल पेश होने जा रहा है. निजीकरण के खिलाफ देशभर में साझा आंदोलन की जरूरत है.

news image

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण के विरोध में यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर 16 और 17 दिसंबर को बैंकों में दो दिन की देशव्यापी हड़ताल की जायेगी. यूनाइटेड फोरम आफ बैंक यूनियंस नौ सरकारी बैंकों के यूनियन का संयुक्त मंच है.


बता दें कि, 6 दिसंबर को सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के निजीकरण का बिल संसद में पेश हो सकता है. संसद के शीतकालीन सत्र में बैंकिंग कानून संशोधन विधेयक लाने की तैयारी सरकार ने पहले से ही कर रखी है. अब देखना दिलचस्प होगा कि राकेश टिकैत के बयान के बाद से संसद में बिल आता है या नहीं.