बिहार में मैरिज हॉल पर छापा, 80 युवक-युवतियां आपत्तिजनक हालत में पकड़े गए, होटल सील बिहार में शर्मनाक वारदात… घर में घुसकर दिव्यांग युवती से दुष्कर्म का प्रयास, ग्रामीणों ने खदेड़कर आरोपी को दबोचा बिहार में फर्जी IPS बनकर वसूली करने वाला शातिर गिरफ्तार, NIA-CIA और BJP की जाली ID भी मिली बिहार में फर्जी IPS बनकर वसूली करने वाला शातिर गिरफ्तार, NIA-CIA और BJP की जाली ID भी मिली Bihar News: मुजफ्फरपुर में अपराध की साजिश बेनकाब… पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई, अवैध हथियार के साथ दो शातिर दबोचे बिहार में सनसनीखेज वारदात… पति और सौतेली मां ने रची खौफनाक साजिश, फांसी पर लटकाने की कोशिश; बच्चों की बहादुरी से बची मां की जान पटना में डॉक्टर से 10 लाख की रंगदारी मांगने वाला गिरफ्तार, पैसे नहीं देने पर हत्या की दी थी धमकी पटना में डॉक्टर से 10 लाख की रंगदारी मांगने वाला गिरफ्तार, पैसे नहीं देने पर हत्या की दी थी धमकी BJP विधायक के बेटे को रौब दिखाना पड़ा महंगा, जाम में हूटर बजाने पर SDM से भिड़े; फॉर्च्यूनर सीज BJP विधायक के बेटे को रौब दिखाना पड़ा महंगा, जाम में हूटर बजाने पर SDM से भिड़े; फॉर्च्यूनर सीज
09-Jul-2021 04:47 PM
By Tahsin Ali
PURNEA: इस वक्त की बड़ी खबर पूर्णिया से आ रही है जहां निगरानी की टीम ने श्रम अधीक्षक को रंगे हाथों घूस लेते गिरफ्तार किया है। इस दौरान उनके सहयोगी को भी गिरफ्तार किया गया है। पीड़ित ने 55 हजार रुपये रिश्वत लेने का आरोप लगाया था। जिसके बाद जाल बिछाकर निगरानी की टीम ने दोनों को रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया।
बताया जा रहा है कि विजय कुमार नामक व्यवसायी ने निगरानी विभाग को यह शिकायत की थी कि पूर्णिया श्रम अधीक्षक कुमार आलोक रंजन द्वारा उनसे पुराने भुगतान को लेकर बतौर 55 हजार रुपये रिश्वत की मांग कर रहे हैं। इस बात की शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने उन पर नजर रखनी शुरू कर दी। निगरानी विभाग ने जाल बिछाकर श्रम अधीक्षक के साथ-साथ उनके सहयोगी मनोज कुमार को 55 हजार रुपये घूस लेते रंगेहाथों धड़ दबोचा। सहयोगी मनोज कुमार पैसे का लेनदेन करता था।
निगरानी विभाग के डीएसपी अरूण पासवान ने बताया कि व्यवसायी विजय कुमार द्वारा एक आवेदन दिया गया था। जिसमें पीड़ित ने इस बात का जिक्र किया कि जब वे अपने बकाया राशि एक लाख 99 हजार 500 रुपये को जमा करने के लिए जब श्रम विभाग के कार्यालय गए तो श्रम अधीक्षक ने कहा कि वह जाकर विभाग के कर्मी मनोज कुमार से मिले।
पीड़ित व्यवसायी जब मनोज कुमार से मिलने गये तब बतौर 55 हजार रुपये घूस की मांग की गयी। लेकिन घूस की यह रकम श्रम अधीक्षक को महंगी पड़ गई। विजिलेंस ने जाल बिछाकर पूर्णिया के श्रम अधीक्षक आलोक रंजन और उनके सहकर्मी मनोज कुमार को घूस लेते रंगेहाथों गिरफ्तार कर लिया।