Antibiotic Resistance: मानव शरीर पर बेअसर साबित हो रहीं एंटीबायोटिक दवाएं, रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा Antibiotic Resistance: मानव शरीर पर बेअसर साबित हो रहीं एंटीबायोटिक दवाएं, रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा Bihar Ias Officers: बिहार कैडर के 6 IAS अफसरों को मिला यह लाभ, सभी अधिकारी कहां हैं पोस्टेड,जानें... पूर्व मध्य रेलवे क्षेत्र से गुजरेगी 5 नई अमृत भारत एक्सप्रेस, यात्रियों के लिए आधुनिक सुविधाएँ Border 2 Trailer: ‘बॉर्डर 2’ का धमाकेदार ट्रेलर रिलीज, सनी देओल की दहाड़ से गूंजा देशभक्ति का जज्बा Border 2 Trailer: ‘बॉर्डर 2’ का धमाकेदार ट्रेलर रिलीज, सनी देओल की दहाड़ से गूंजा देशभक्ति का जज्बा अनुशासनात्मक कार्रवाई में ये गलतियां न करें: मुख्य सचिव की अफसरों को दी सख्त चेतावनी वाह री पटना पुलिस....रेप से इंकार करती रही ! पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुए खुलासे के बाद जागी, तब जाकर हॉस्टल संचालक को किया अरेस्ट वाह री पटना पुलिस....रेप से इंकार करती रही ! पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुए खुलासे के बाद जागी, तब जाकर हॉस्टल संचालक को किया अरेस्ट Bihar Bhumi: बिहार में लागू होगी भूमि मापी की नई व्यवस्था, इस दिन से शुरू होगा विशेष अभियान; क्या बोले डिप्टी सीएम विजय सिन्हा?
15-Jan-2026 03:56 PM
By FIRST BIHAR
Supreme Court: 15 जनवरी 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) के खिलाफ FIR पर रोक लगा दी है। यह मामला पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा I-PAC ऑफिस में ED की रेड के विरोध में दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है। सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान स्पष्ट किया कि राज्य सरकार एजेंसी के काम में दखल नहीं दे सकती।
जस्टिस प्रशांत कुमार मिश्रा और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने CCTV फुटेज समेत सभी सबूतों को सुरक्षित रखने का आदेश दिया है। अदालत ने ममता बनर्जी, तृणमूल कांग्रेस और पुलिस को नोटिस जारी किया है। अगली सुनवाई 3 फरवरी 2026 को होगी। कोर्ट ने ममता सरकार से दो हफ्तों के भीतर जवाब मांगा और कहा कि केंद्रीय एजेंसी के आरोप गंभीर हैं।
ED ने सुप्रीम कोर्ट में दावा किया कि 8 जनवरी 2026 को रेड के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी वहां पहुंचीं और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण तथा दस्तावेज अपने साथ ले गईं। ममता के साथ बंगाल DGP भी पुलिस टीम के साथ मौजूद थे। पुलिस ने ED अफसरों के मोबाइल छीन लिए और ममता बनर्जी मीडिया के सामने गईं। ED ने कहा कि इस तरह उनकी जांच प्रभावित हुई और मनोबल गिरा।
सॉलिसिटर जनरल एस.वी. राजू ने कहा कि ममता बनर्जी आरोपी हैं और उन्होंने DGP की मिलीभगत से सबूतों की चोरी की। उन्होंने यह भी कहा कि अगर बंगाल में किसी FIR की जांच होती है, तो निष्पक्ष जांच नहीं होगी, इसलिए मामले में CBI जांच की आवश्यकता है।
सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने हाईकोर्ट के रवैये पर नाराजगी जताई। वहीं, कपिल सिब्बल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट को यह मानना होगा कि हाईकोर्ट न्याय देने में असमर्थ है। इस पर बेंच ने सख्ती दिखाई और कहा, "आप मेरे मुंह में शब्द नहीं डाल सकते। हम फैसला करेंगे कि हमें क्या मानना है और क्या नहीं।"