Bihar Road Accident : शादी से 10 दिन पहले उजड़ा घर! हाइवा ट्रक ने ठेला चालक को कुचला, मौके पर हुई मौत; ट्रक चालक फरार Bihar Road Project : 3 साल से अधर में फंसा फोरलेन! रामनगर-कच्ची दरगाह प्रोजेक्ट फिर रुका, जानिए क्या है असली कारण? Bihar News : मंच पर गाना, नीचे हंगामा! कल्पना पटवारी के कार्यक्रम में चलीं कुर्सियां, पुलिस को करना पड़ा लाठीचार्ज BIHAR NEWS : खाड़ी संकट में फंसे बिहारियों के लिए सरकार अलर्ट! जारी हुए इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर; आप भी कर लें नोट Bihar News: स्टेज पर खेसारी, नीचे बेकाबू हुई भीड़! जमकर हुई पत्थरबाजी और लाठीचार्ज; कई घायल Bihar News : बिहार में बिजली बनी ‘कमाई की मशीन’! जानिए कैसे सस्ता होगा आपका बिल; उपभोक्ताओं के लिए आई खुशखबरी Bihar News : क्या है वजह? CM पद छोड़ने के बाद भी नीतीश कुमार को मिलेगी जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा; जारी हुआ आदेश Bihar News : बिहार में दिनदहाड़े मर्डर! बाइक मैकेनिक को मारी 2 गोलियां, इलाके में फैली दहशत Bihar School Timing : अलर्ट! 6 अप्रैल से देर तक सोना भूल जाएं छात्र, सुबह 6:30 बजे से चलेगी स्कूल; नया टाइमटेबल जारी Bihar weather update : 5 अप्रैल से बदलेगा मौसम, तेज आंधी-बारिश की चेतावनी; तब तक 40°C के पार जाएगा पारा!
13-Dec-2019 07:13 AM
DELHI: संसद के दोनों सदनों से पास होने के बाद नागरिकता संशोधन बिल पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने अपना हस्ताक्षर कर दिया है. गुरुवार देर रात राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद यह बिल अब कानून बन गया है. इससे पहले सोमवार को लोकसभा और बुधवार को राज्यसभा में नागरिकता संशोधन बिल को मतविभाजन के बाद पास कर दिया गया था.
इससे पहले विधेयक को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजने के प्रस्ताव को नामंजूर कर दिया गया. इस कानून के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों में अवैध तरीके से रहने वाले अप्रवासियों के लिए अपने निवास का कोई प्रमाण पत्र नहीं होने के बावजूद नागरिकता हासिल करना आसान हो जाएगा. राज्यसभा में यह बिल 125 के मुकाबले 105 मतों से पास हुआ. वहीं लोकसभा में इस बिल के पक्ष में 311 सांसदों ने वोट दिया जबकि 80 सांसदों ने इसके खिलाफ वोटिंग की थी.
इस कानून के अनुसार हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई समुदायों के जो सदस्य 31 दिसंबर 2014 तक पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आए हैं उन्हें 5 साल तक भारत में रहने के बाद भारत की नागरिकता दी जाएगी. अभी तक यह समय सीमा 11 साल की थी.