DELHI: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन के बीच केंद्र सरकार और पार्टी नेताओं के बीच बातचीत की शुरुआत हो गई है। केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे. पी. नड्डा ने पार्टी के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात कर उनकी मांगों पर चर्चा की। इसके बाद CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपना अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल समाप्त कर दिया।


पार्टी के प्रवक्ता सौरभ दास ने बताया कि उन्होंने और आशुतोष रांका ने करीब दो घंटे के इंतजार के बाद केंद्रीय मंत्री जे. पी. नड्डा से उनके आवास पर मुलाकात की। लगभग 10 मिनट चली इस बैठक में दोनों नेताओं ने पार्टी की विभिन्न मांगों से संबंधित एक लिखित ज्ञापन नड्डा को सौंपा। सौरभ दास के अनुसार, केंद्रीय मंत्री ने उनकी बात ध्यानपूर्वक सुनी और भरोसा दिलाया कि वह इस मुद्दे पर सरकार के भीतर संबंधित स्तर पर चर्चा करेंगे। इस आश्वासन के बाद आंदोलन को लेकर सकारात्मक माहौल बना।


अभिजीत दीपके ने खत्म किया अनशन

इस बीच दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके ने अपना अनशन समाप्त कर दिया। उन्होंने अस्पताल में भर्ती आंदोलनकारी सोनम वांगचुक के अनुरोध पर यह फैसला लिया। दीपके ने संसद मार्च में शामिल होने से पहले जूस पीकर अपना उपवास तोड़ा। सोनम वांगचुक ने उनसे अपील की थी कि वे अपनी सेहत का ध्यान रखें और आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए अपनी ऊर्जा बचाकर रखें।


वांगचुक अस्पताल में भर्ती

सोनम वांगचुक को 18 जुलाई को तबीयत बिगड़ने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी पत्नी गीतांजलि आंगमो ने बताया कि वांगचुक ने अभिजीत दीपके से अनशन समाप्त करने का आग्रह किया था ताकि वे आंदोलन को मजबूती से आगे बढ़ा सकें।


शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग

CJP और आंदोलनकारी एनईटी-यूजी परीक्षा पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। साथ ही, शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार लागू करने की भी मांग की जा रही है। सोनम वांगचुक 28 जून से इन्हीं मांगों को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं। इसी क्रम में सोमवार को CJP की ओर से संसद मार्च का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में युवाओं ने भाग लेकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई।