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19-Mar-2026 05:25 PM
By First Bihar
DESK: मध्य प्रदेश के गुना जिला अस्पताल से एक बेहद चौंकाने वाली लापरवाही सामने आई है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां एक युवक को जिंदा होते हुए भी डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया और पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, गुना जिले के हड्डी मील क्षेत्र निवासी जॉन पारदी ने 11 मार्च को कथित तौर पर मानसिक तनाव के चलते सल्फास खा लिया था। परिजन उसे अचेतावस्था में जिला अस्पताल ले गये। आरोप है कि वहां मौजूद डॉक्टरों ने बिना जांच किए ही उसे मृत घोषित कर दिया।
जिसके बाद युवक को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। लेकिन पोस्टमार्टम शुरू होने से पहले ही उसे अचानक होश आ गया। खुद को लाशों के बीच और बिन कपड़ों के देख वह घबरा गया और वहां से बाहर की ओर भागने लगा।
युवक को इस हालत में भागते देख अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। थोड़ी देर बाद परिजन भी वहां पहुंच गए। युवक ने बताया कि यदि उसे समय पर होश नहीं आता, तो जिंदा ही उसका पोस्टमार्टम कर दिया जाता। जिससे उसकी जान भी जा सकती थी।
इस घटना ने अस्पताल की कार्यप्रणाली, डॉक्टरों की जिम्मेदारी और जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूरे जिले में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है और लोगों में आक्रोश देखा जा रहा है।
फिलहाल, अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं, लापरवाही के आरोपों के बाद जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग तेज हो गई है। यह घटना स्वास्थ्य व्यवस्था की बड़ी खामी को उजागर करती है।