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02-Nov-2025 04:59 PM
By First Bihar
Parbatta Assembly : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के पहले चरण के मतदान से चार दिन पहले परबत्ता विधानसभा क्षेत्र में एनडीए प्रत्याशी बाबूलाल शौर्य के समर्थन में आयोजित जनसभा में सुरक्षा और मंच व्यवस्था की चूक ने सभी को चौंका दिया। खगड़िया जिले के परबत्ता स्थित कन्हैयाचक हाई स्कूल के मैदान में आयोजित इस विशाल जनसभा में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान हेलीकॉप्टर से पहुंचे।
हजारों की संख्या में लोग इस जनसभा में मौजूद थे। जैसे ही दोनों नेता मंच पर पहुंचे और अपनी कुर्सियों पर बैठने का प्रयास किया, अचानक कुर्सियां टूट गईं और फडणवीस और पासवान दोनों धराशायी हो गए। इस घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद कार्यकर्ताओं और सुरक्षा कर्मियों में हड़कंप मच गया। हालांकि, किसी को गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन यह घटना मौके पर मौजूद लोगों के लिए चौंकाने वाली थी।
कार्यक्रम के आयोजकों और स्थानीय प्रशासन ने तुरंत दूसरी कुर्सियों की व्यवस्था कर कार्यक्रम को जारी रखा। इस दौरान फडणवीस और पासवान ने खुद इस घटना को हल्के-फुल्के अंदाज में लिया और मंच से उपस्थित जनता का अभिवादन स्वीकार किया। इसके बाद दोनों नेताओं ने अपने भाषण में महागठबंधन पर तीखा हमला करते हुए बाबूलाल शौर्य को जिताने की अपील की।
फडणवीस ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार की जनता विकास और प्रगति चाहती है। उन्होंने महागठबंधन पर भ्रष्टाचार और शासन की विफलताओं के आरोप लगाते हुए एनडीए सरकार के विकास मॉडल को जनता के सामने रखा। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने भी महागठबंधन को निशाने पर लेते हुए कहा कि यह गठबंधन केवल लोगों को धोखा देने और सत्ता पाने में ही रुचि रखता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि परबत्ता विधानसभा में बाबूलाल शौर्य को जिताना जरूरी है ताकि क्षेत्र के विकास को गति मिल सके।
जनसभा में कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने दोनों नेताओं का जोरदार स्वागत किया। मंच पर कुर्सी टूटने की घटना के बावजूद उत्साह और जोश में कोई कमी नहीं आई। कार्यकर्ताओं ने तालियों और नारेबाजी के साथ मंच पर पहुंचकर नेताओं का उत्साहवर्धन किया। स्थानीय लोग भी इस घटना को लेकर काफी चर्चा कर रहे थे।
विशेषज्ञों के अनुसार, चुनावी जनसभाओं में इस तरह की तकनीकी और सुरक्षा खामियां गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं। परबत्ता घटना ने यह दिखा दिया कि चुनावी कार्यक्रमों की तैयारी और मंच व्यवस्था पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है। अगर सुरक्षा और व्यवस्थापन में थोड़ी भी चूक होती है, तो यह न केवल नेताओं के लिए बल्कि जनता के लिए भी जोखिमपूर्ण हो सकता है।
फडणवीस और पासवान की उपस्थिति ने जनसभा में चार चांद लगा दिए। उन्होंने क्षेत्रीय विकास, रोजगार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने जनता से अपील की कि वे आगामी मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और बाबूलाल शौर्य को जीत दिलाने में सहयोग करें।
जनसभा में मौजूद कई कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मंच पर कुर्सी टूटने की घटना थोड़ी डरावनी जरूर थी, लेकिन इससे किसी की जान को खतरा नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि नेताओं ने इस स्थिति को संभालकर जनसभा को सफल बनाया।
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी जमकर चर्चा हुई। लोग इस घटना को लेकर मजाकिया टिप्पणियां कर रहे हैं, तो कुछ लोग इसे चुनावी प्रचार की गर्माहट के रूप में भी देख रहे हैं।
परबत्ता विधानसभा क्षेत्र में यह जनसभा चुनावी माहौल को और गरम कर गई है। बाबूलाल शौर्य की जीत के लिए एनडीए नेताओं का यह जोरदार प्रचार उनकी रणनीति को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
जनसभा में मंच हादसे के बावजूद, नेताओं का जोश और जनता की उत्सुकता देखकर यह साफ है कि चुनावी मैदान में अब मुकाबला और भी रोचक और चुनौतीपूर्ण होने वाला है। ऐसे में परबत्ता विधानसभा क्षेत्र में अगले चार दिनों तक चुनावी गतिविधियों पर सभी की निगाहें बनी रहेंगी।