Nitish Kumar Oath Ceremony : बिहार की राजनीति आज एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने जा रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार गुरुवार को पटना के गांधी मैदान में रिकॉर्ड दसवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। वह पहली बार वर्ष 2000 में राज्य के मुख्यमंत्री बने थे, हालांकि तब उनकी सरकार सिर्फ सात दिन चली थी। इसके बाद 2005 में सत्ता में वापसी से लेकर अब तक वह नौ बार शपथ ले चुके हैं और आज यह संख्या दस के अंक को छूने जा रही है। यह न सिर्फ बिहार बल्कि पूरे देश की राजनीति में अनूठी घटना मानी जा रही है।


भव्य समारोह की तैयारियां पूरी, राजनीतिक हलचल तेज

शपथग्रहण समारोह को लेकर पटना में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। गांधी मैदान में सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं। अनुमान है कि 1.5 से 2 लाख लोग इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। एनडीए इस समारोह को बड़े शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देख रहा है, जिसके लिए मैदान में विशाल मंच, बैठने की व्यापक व्यवस्था और अलग-अलग पंडाल तैयार किए गए हैं।


कार्यक्रम में देशभर से शीर्ष नेताओं के शामिल होने की संभावना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कई केंद्रीय मंत्री और 11 राज्यों के मुख्यमंत्री पटना पहुंच रहे हैं। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान समारोह की मुख्य औपचारिकता निभाएंगे।


बीजेपी कोटे से दो डिप्टी सीएम और 8 मंत्री लेंगे शपथ

नीतीश कुमार के साथ बीजेपी कोटे से दो उपमुख्यमंत्री सहित कुल 8 नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई जाएगी। इस तरह नए मंत्रिमंडल में बीजेपी का प्रतिनिधित्व मजबूत रहेगा। गठबंधन सहयोगियों के नेताओं को भी मंत्री पद दिया जाएगा, जिससे एनडीए की संयुक्त शक्ति का स्पष्ट संदेश जाने की संभावना है।


ज्योतिषीय सलाह के बाद चुना गया शुभ मुहूर्त

शपथग्रहण के लिए गुरुवार का दिन और समय ज्योतिषीय सलाह के बाद तय किया गया है। सुबह 11:00 बजे से 11:50 बजे के बीच का 50 मिनट का शुभ मुहूर्त इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के लिए चुना गया है। इसी दौरान नीतीश कुमार और उनका मंत्रिमंडल शपथ लेगा।


तीन विशाल मंच और अलग-अलग पंडाल

कार्यक्रम को सफल और व्यवस्थित बनाने के लिए गांधी मैदान में तीन बड़े मंच तैयार किए गए हैं—

1. मुख्य मंच — शपथग्रहण का केंद्र

यही वह स्थान है जहां प्रधानमंत्री मोदी, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और एनडीए के शीर्ष नेता मौजूद रहेंगे। यहां सुरक्षा की सबसे कड़ी परतें लगाई गई हैं।


2. वीवीआईपी पंडाल

दूसरे पंडाल में देशभर से आने वाले मुख्यमंत्री, केंद्रीय मंत्री, सांसद, विधायक और वरिष्ठ अतिथि बैठेंगे। इस पंडाल में 500 से अधिक कुर्सियां लगाई गई हैं और पूरी व्यवस्था वातानुकूलित एवं उच्च सुरक्षा स्तर की है।


3. सांस्कृतिक कार्यक्रमों का पंडाल

तीसरे पंडाल में कला और संस्कृति विभाग द्वारा तैयार सांस्कृतिक प्रस्तुतियां होंगी। यहां प्रसिद्ध कलाकार मैथिली ठाकुर, मनोज तिवारी और राज्य के कई लोक कलाकार पारंपरिक नृत्य-संगीत प्रस्तुत करेंगे। इससे कार्यक्रम के माहौल को और भी भव्य बनाने की तैयारी है।


विधायकों और आम जनता के लिए अलग व्यवस्था

243 नवनिर्वाचित विधायकों के लिए अलग से एक बड़ा पंडाल बनाया गया है, जहां से वे कार्यक्रम को नजदीक से देख सकेंगे। इसके अलावा राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों और आम जनता के लिए भी बैठने की व्यापक व्यवस्था की गई है, ताकि कोई असुविधा न हो।


बिहार की राजनीति का अहम मोड़

नीतीश कुमार का यह दसवां शपथग्रहण कई मायनों में खास है। यह राज्य की राजनीति में उनकी मजबूत पकड़ का प्रतीक है। एनडीए सरकार के नए स्वरूप की शुरुआत इसी समारोह के साथ होगी। बड़े जनसमूह और राष्ट्रीय नेताओं की मौजूदगी इसे राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन का बड़ा मंच बना रही है। आज का दिन बिहार के राजनीतिक इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज होने वाला है। गांधी मैदान की ऐतिहासिक धरती इस महत्वपूर्ण परिवर्तन और शुरुआत की साक्षी बनेगी।