ब्रेकिंग न्यूज़

बिहार में बिना जुताई अब आलू की खेती: जीरो टिलेज पर सरकार का फोकस, जल्द लागू होगी नई तकनीक बिहार में बिना जुताई अब आलू की खेती: जीरो टिलेज पर सरकार का फोकस, जल्द लागू होगी नई तकनीक बिहार में अब सरकारी टेंडरों पर रहेगी EOU की पैनी नजर, 5 सदस्यीय टीम गठित; गड़बड़ी करने वालों का खेल खत्म बिहार में अब सरकारी टेंडरों पर रहेगी EOU की पैनी नजर, 5 सदस्यीय टीम गठित; गड़बड़ी करने वालों का खेल खत्म बिहार में खाद की कालाबाजारी पर सरकार सख्त, 449 उर्वरक लाइसेंस रद्द; 115 लोगों के खिलाफ केस दर्ज बिहार में खाद की कालाबाजारी पर सरकार सख्त, 449 उर्वरक लाइसेंस रद्द; 115 लोगों के खिलाफ केस दर्ज Bihar News: बालू के खेल में शामिल खनन निरीक्षक गिरफ्तार, DM को भी कर रहा था गुमराह Bihar News: बालू के खेल में शामिल खनन निरीक्षक गिरफ्तार, DM को भी कर रहा था गुमराह Bihar Teacher News: बिहार में शिक्षकों के ट्रांसफर को लेकर बनेगी नई पॉलिसी, शिक्षा विभाग ने कमेटी गठित की Bihar Teacher News: बिहार में शिक्षकों के ट्रांसफर को लेकर बनेगी नई पॉलिसी, शिक्षा विभाग ने कमेटी गठित की

Home / elections / bihar-assembly-election-2025 / Beur Jail Raid : पटना बेऊर जेल में पुलिस की बड़ी छापेमारी, यह...

Beur Jail Raid : पटना बेऊर जेल में पुलिस की बड़ी छापेमारी, यह सामान हुआ जब्त; कैदियों में मचा हड़कंप

पटना बेऊर जेल में पुलिस और प्रशासन ने औचक छापेमारी की। जेल के गंगा खंड से मोबाइल और ईयरबड बरामद, कैदियों में हड़कंप।

23-Oct-2025 10:53 AM

By First Bihar

Beur Jail Raid : राजधानी पटना से बड़ी खबर सामने आई है। गुरुवार, 23 अक्टूबर 2025 की सुबह पटना पुलिस और जिला प्रशासन की संयुक्त टीम ने आदर्श केंद्रीय कारा बेऊर में अचानक छापेमारी की। इस औचक कार्रवाई ने जेल में कैदियों में हड़कंप मचा दिया। चुनाव को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और इस कड़ी में जेल में बंद अपराधियों पर भी कड़ी नज़र रखी जा रही है।


सूत्रों के अनुसार, इस कार्रवाई का नेतृत्व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पटना ने किया। औचक छापेमारी का मकसद जेल में सुरक्षा व्यवस्था और अनुशासन बनाए रखना बताया गया। वहीं, इस दौरान कई आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुई, जो जेल प्रशासन और पुलिस के लिए चिंता का विषय बन गई।


पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बेऊर कारा के गंगा खंड के बाहरी परिसर में जमीन के नीचे गीली मिट्टी में पांच टूटे हुए कीपैड मोबाइल फोन (सीम और बैटरी रहित) मिले। ये मोबाइल फोन जेल में किसी तरह की गड़बड़ी या आपराधिक गतिविधियों में इस्तेमाल किए जाने की आशंका को लेकर जब्त किए गए। इसके अलावा विशेष सुरक्षा कक्ष के खंड संख्या दस में वेंटिलेशन खिड़की के पीछे एक पुराना ईयरबड भी बरामद हुआ।


जेल प्रशासन ने कहा कि जब्त की गई सामग्री की जांच की जा रही है और संबंधित अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई के लिए बेऊर थाना को अनुरोध भेजा गया है। अधिकारी यह भी स्पष्ट कर रहे हैं कि यह छापेमारी जेल में सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए की गई है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी समय-समय पर औचक निरीक्षण जारी रहेंगे ताकि कैदियों पर कड़ी निगरानी रखी जा सके और कोई भी अनुचित गतिविधि न हो।


मालूम हो कि चुनाव के समय ऐसे कदम ज़रूरी होते हैं। बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव की तैयारियों के बीच प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि जेलों में बंद अपराधियों द्वारा कोई अवैध गतिविधि न की जाए। ऐसे मोबाइल फोन और ईयरबड का इस्तेमाल अपराधी बाहर से संपर्क करने या चुनावी प्रक्रियाओं में गड़बड़ी करने के लिए कर सकते हैं, इसलिए प्रशासन इस पर सख्ती बरत रहा है।


बेऊर जेल की सुरक्षा के लिए पहले भी कई कदम उठाए जा चुके हैं। जेल प्रशासन ने बताया कि जेल में समय-समय पर रैंडम चेकिंग की जाती रही है, लेकिन इस बार की छापेमारी विशेष रूप से चुनावी सुरक्षा के मद्देनजर की गई। अधिकारियों ने कहा कि जेल में किसी भी तरह की गड़बड़ी को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी तुरंत उच्च अधिकारियों को दी जाएगी।


पुलिस अधीक्षक ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि यह कार्रवाई सिर्फ और सिर्फ जेल की सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए है। उन्होंने कहा कि प्रशासन लगातार निगरानी रख रहा है और भविष्य में भी औचक निरीक्षण किए जाएंगे ताकि कोई भी आपत्तिजनक गतिविधि न हो सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जेल में रह रहे कैदियों को किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि में शामिल नहीं होने दिया जाएगा।


जेल में बंद कैदियों में इस छापेमारी के बाद भारी हड़कंप मचा हुआ है। जेल प्रशासन के सूत्रों के अनुसार, इस कार्रवाई से जेल में अनुशासन बनाए रखने में मदद मिलेगी और किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि को रोका जा सकेगा। अधिकारियों ने यह भी बताया कि बरामद सामग्री की जांच में किसी और संदिग्ध गतिविधि का पता चलने पर तत्काल कदम उठाए जाएंगे।


इस कार्रवाई से यह भी संदेश गया है कि चुनाव के समय प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह छापेमारी यह साबित करती है कि बिहार पुलिस और जिला प्रशासन कानून और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह सक्रिय हैं।


बहरहाल, यह कार्रवाई सिर्फ एक संकेत है कि चुनावी माहौल में प्रशासन किसी भी गड़बड़ी को रोकने के लिए सतर्क है। बेऊर जेल में हुई यह औचक छापेमारी जेल में सुरक्षा व्यवस्था की मजबूती और अनुशासन बनाए रखने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।