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07-Nov-2025 02:45 PM
By First Bihar
Bihar assembly election : बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज शुक्रवार को पूर्वी चंपारण के रक्सौल में भरी जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) पर तीखा हमला बोला और मतदाताओं से इन दलों के गठबंधन को नकारने की अपील की। सीएम ने अपने भाषण में ऐतिहासिक गौरव, कानून-व्यवस्था और राम मंदिर के मुद्दे को जोडकर विपक्ष पर निशाना साधा।
सीएम योगी ने सभा की शुरुआत में बिहार के गौरवशाली अतीत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह भूमि ज्ञान और संस्कृति से तपी हुई है। उन्होंने कहा कि बिहार ने नालंदा जैसा विश्वविद्यालय और चाणक्य जैसे विद्वान दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा, “यह वही धरती है जहाँ जब कांग्रेस ने लोकतंत्र का गला घोंटा था तब जनता जेपी के नेतृत्व में उठ खड़ी हुई और कांग्रेस को उखाड़ फेंका।” अपने तर्क में उन्होंने यह जोड़ने की कोशिश की कि बिहार की जनता अपने इतिहास और संस्कृति के प्रति जागरूक है और विकास के साथ-साथ सभ्य व पारंपरिक मूल्यों को भी महत्व देती है।
कठोर रूख अपनाते हुए सीएम ने कांग्रेस और आरजेडी को सनातन परंपराओं और प्रभु राम के विरोधी करार दिया। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी और बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में सीतामढ़ी में माँ जानकी का भव्य मंदिर बन रहा है, और यह वही काम है जो राम के लिए किया जा रहा है। सीएम ने भाषण में कहा, “जो राम का है वही हमारे काम का है, जो राम का नहीं वह किसी काम का नहीं।” उन्होंने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वे लोगों को नौकरियाँ देने के बजाय उनकी जमीनें छीनने पर उतारू रहते हैं।
उप्र की तुलना कर विपक्ष के खिलाफ कड़ा रुख दिखाते हुए सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सरकार की कार्रवाई से माफियाओं का नाश हुआ और वे “जहन्नुम का रास्ता” दिखा दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि वही “खानदानी लुटेरे” अब फिर से लोगों को लूटने लौट रहे हैं और उनसे सतर्क रहने की अपील की।
कानून-व्यवस्था और जातीय हिंसा के विषय पर सीएम ने आरजेडी शासनकाल (1990-2005) का हवाला देते हुए कहा कि उस दौर के दौरान छह दर्जन से अधिक नरसंहार हुए और तीस हजार से अधिक अपहरण दर्ज किए गए थे। उनका कहना था कि वही लोग आज फिर लालटेन लेकर आ रहे हैं — जो लालटेन नहीं बल्कि डकैती का साधन हैं। सीएम ने आरोप लगाया कि उन दिनों लालटेन के तेल तक लूट लिया गया था, पूरे बिहार में अंधेरा किया गया और लोगों के घरों पर डाका पड़ा।
राम मंदिर और इतिहास-संबंधी आरोपों को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने दावा किया कि कांग्रेस-आरजेडी ने हमेशा प्रभु राम और राम मंदिर का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि आरजेडी ने बिहार में रामलला के मंदिर निर्माण का रथ रोका था और उनके गठबंधन-साथियों ने अयोध्या में निर्दोष कारसेवकों पर गोली चलाने का पाप किया था। बावजूद इसके, सीएम ने कहा कि केंद्र और राज्य में उनकी सरकार ने अडिग रहते हुए रामलला का और अन्य धर्मिक स्थलों का सम्मान सुनिश्चित किया — जिनमें बनारस का काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और अयोध्या का भव्य मंदिर शामिल हैं।
सीएम योगी ने सभा में NDA के शासनकाल के दौरान बिहार में विकास की गति का जोरदार समर्थन किया और कहा कि पूरा बिहार प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश के नेतृत्व में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने जनता से कहा कि वे कांग्रेस-आरजेडी के गठबंधन को नकार दें ताकि विकास की यह रफ्तार बरकरार रहे। उनका संदेश चुनावी तौर पर साफ था: विकास, सुरक्षा और सनातन परंपराओं का संरक्षण ही उनकी सरकार की प्राथमिकता है और इन मुद्दों पर विपक्ष असहयोगी व विघटनकारी है।
रक्सौल में हुई इस जनसभा में मुख्यमंत्री के समर्थकों की अच्छी-खासी भीड़ मौजूद थी और भाषण के दौरान कई बार जमकर तालियों और नारों की गूंज सुनाई दी। राजनीतिक पर्यवेक्षक मानते हैं कि चुनावी दौर में इस तरह के तीखे बयान विपक्षी दलों के प्रभुत्व और पुराने आरोपों को पीछे खींचने की कोशिश के रूप में देखे जा रहे हैं। दूसरी ओर विपक्षी दलों ने भी उत्तर देने की तैयारी की है और आगामी दिनों में दोनों पक्षों के बीच जोरदार घमासान देखने को मिल सकता है।
मुख्यमंत्री के सम्बोधन ने स्पष्ट कर दिया कि चुनावी रणनीति में सांस्कृतिक-धार्मिक मुद्दे और कानून-व्यवस्था की बातें प्रमुख भूमिका निभा रही हैं। अब यह देखना बाकी है कि मतदाताओं पर इन संकल्पनाओं और आरोपों का क्या प्रभाव होता है और बिहार के राजनीतिक परिदृश्य में आगामी दिनों में किस तरह की बहस छिड़ती है।