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13-Oct-2025 10:45 AM
By First Bihar
Bihar Election 2025 : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को लेकर एनडीए में सीटों के बंटवारे का फार्मूला जारी कर दिया गया है। इस बार सीटों का बंटवारा पहले की तरह “बड़ा भाई-छोटा भाई” फार्मूले के तहत नहीं किया गया है। जेडीयू और भाजपा दोनों ने समान रूप से 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में आज देर शाम भाजपा की तरफ से भी उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की जाएगी।
इस बीच भाजपा के वरिष्ठ नेता और कुम्हरार विधानसभा क्षेत्र से विधायक अरुण कुमार सिन्हा ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। अरुण कुमार सिन्हा ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से स्पष्ट किया कि इस बार वह बिहार विधानसभा चुनाव में चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि उनका इस बार विधानसभा चुनाव में हिस्सा नहीं लेना एक व्यक्तिगत निर्णय है।
अरुण कुमार सिन्हा ने यह भी कहा कि हालांकि वह चुनावी मैदान में नहीं उतरेंगे, लेकिन पार्टी के साथ जुड़कर अन्य दायित्वों और जिम्मेदारियों को निभाएंगे। उन्होंने अपने समर्थकों को भरोसा दिलाया कि वह पार्टी और संगठन के लिए हमेशा सक्रिय रहेंगे और आगामी चुनाव में भी पार्टी के हित में काम करेंगे। उन्होंने लिखा है कि -आगामी विधानसभा चुनाव में मैं प्रत्याशी के रूप में चुनाव नहीं लडूंगा, लेकिन संगठन के लिए कार्य करता रहूँगा। पिछले 25 वर्षों में आप सभी ने जो विश्वास एवं सहयोग दिया उसका सदा आभारी रहूँगाI कार्यकर्ता सर्वों परी l Il संगठन सर्वों परी ll
इस घोषणा के बाद राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। कुम्हरार विधानसभा क्षेत्र के मतदाताओं और स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि अरुण कुमार सिन्हा के चुनावी मैदान से बाहर रहने से सीट किस उम्मीदवार के लिए आरक्षित होगी। पार्टी सूत्रों का कहना है कि उम्मीदवारों की लिस्ट में जल्द ही स्पष्टता आ जाएगी और नए उम्मीदवार के नाम का ऐलान पार्टी की तरफ से किया जाएगा।
अरुण कुमार सिन्हा के चुनाव नहीं लड़ने की खबर से यह संकेत भी मिल रहा है कि पार्टी उनके अनुभव और संगठनात्मक क्षमता का लाभ अन्य क्षेत्रों में उठाना चाहती है। यह रणनीति भाजपा की ओर से संगठन मजबूत करने और चुनावी मैदान में संतुलन बनाने का प्रयास मानी जा रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अरुण कुमार सिन्हा जैसे अनुभवी नेता का पार्टी के लिए चुनावी रणनीति और संगठनात्मक कामों में योगदान बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है।
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में कुल 243 सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा और चुनाव की तैयारियां जोरों पर हैं। एनडीए ने इस बार सभी प्रमुख क्षेत्रों में मजबूत प्रत्याशी खड़े करने की रणनीति बनाई है। अरुण कुमार सिन्हा का चुनावी मैदान से बाहर रहना पार्टी के लिए नई रणनीतियों और संभावनाओं को जन्म देगा।
समाज में उनके निर्णय का स्वागत भी किया जा रहा है। कई समर्थक मान रहे हैं कि अरुण कुमार सिन्हा का यह कदम जिम्मेदारी और संगठन के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि चुनावी भागीदारी केवल जीतने या हारने का मामला नहीं होती, बल्कि संगठन और पार्टी के लिए योगदान देने का भी एक रूप है।
कुल मिलाकर, अरुण कुमार सिन्हा की घोषणा ने बिहार विधानसभा चुनाव की राजनीति में एक नया मोड़ ला दिया है। अब देखना यह होगा कि भाजपा किसे इस विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाती है और अरुण कुमार सिन्हा किस तरह से पार्टी के लिए अन्य दायित्व निभाएंगे। चुनाव के नजदीक आते ही राजनीतिक गतिविधियों में और तेजी आएगी और सभी दल अपने-अपने रणनीतिक निर्णयों के साथ मैदान में उतरेंगे।