ब्रेकिंग न्यूज़

‘देश को ‘इस्लामिक भारत’ बनाना चाहते हैं कुछ मुस्लिम संगठन’, UCC को लेकर AIMPLB के विरोध पर बरसे गिरिराज सिंह BRABU के 70 सहायक प्राध्यापक की नौकरी पर संकट, कई रसूखदारों के संबंधी भी जांच के घेरे में; क्या है वजह? BRABU के 70 सहायक प्राध्यापक की नौकरी पर संकट, कई रसूखदारों के संबंधी भी जांच के घेरे में; क्या है वजह? Bihar School News : बिहार में प्राइवेट स्कूल खोलना होगा आसान! नीतीश सरकार की नई नीति से इन लोगों को बड़ी राहत; ऐसे मिलेगा लाभ Bihar Accident : बैरिकेडिंग बनी मौत का जाल! BCA छात्र की दर्दनाक मौत, सड़क पर बवाल Bihar School News : बिहार में बच्चों की कमजोर पढ़ाई पर बड़ा एक्शन! अब हर शनिवार टीचर्स करेंगे मंथन, जानिए क्या बदलेगा Bihar News : देवघर जा रही कार बनी मौत का कारण! बांका में भीषण टक्कर, 3 की मौके पर मौत, 4 गंभीर घायल Bihar Crime : पटना में कृषि मंत्री के समधी के घर ताबड़तोड़ फायरिंग, 15 राउंड गोलियां; तलवार और लाठी से हमला… 3 लोग घायल! Bihar News : बिहार में दुकानदारों को बड़ी राहत! अब बिजली बिल में हर महीने बचेंगे पैसे; फिक्स्ड चार्ज में हुआ बदलाव Bihar News : रेड लाइट एरिया पर ताबड़तोड़ पुलिस रेड! चार लड़कियों के साथ 7 गिरफ्तार, बड़े नेटवर्क का खुलासा

Home / crime / सरकारी हॉस्पिटल में नसबंदी के 2 वर्ष बाद गर्भवती हुईं 4 बच्चों की...

सरकारी हॉस्पिटल में नसबंदी के 2 वर्ष बाद गर्भवती हुईं 4 बच्चों की मां, स्वास्थ्य विभाग पर ठोका 11 लाख का हर्जाना

08-Mar-2021 03:57 PM

MUZAFFARPUR:  बिहार के सरकारी अस्पताल में नसबंदी करवाने के दो साल बाद एक महिला के गर्भवती होने का मामला सामने आया है। परिवार नियोजन के ऑपरेशन का एक मामला मुजफ्फरपुर उपभोक्ता फोरम तक पहुंचा। जहां ऑपरेशन कराने वाली महिला ने 11 लाख रुपये के हर्जाने के लिए स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव पर उपभोक्ता न्यायालय में मामला दर्ज कराया है। मामला सरकारी अस्पताल में नसबंदी के 2 साल बाद महिला के गर्भवती होने का है। फिलहाल इस मामले की सुनवाई के लिए अगली तिथि 16 मार्च तय की गई है। महिला मुजफ्फरपुर के मोतीपुर स्थित महना गांव की रहने वाली है। जिसने 27 जुलाई 2019 को मोतीपुर पीएचसी में परिवार नियोजन का ऑपरेशन कराया था। 

news image

फुलकुमारी के पहले से 4 बच्चे हैं और वह पांचवां बच्चा नहीं चाहती थीं। हालांकि कुछ दिन पहले ही उसे पता चला कि वह फिर से गर्भवती हो गई है। वह इस बच्चे के भरण-पोषण के लिए बिलकुल तैयार नहीं हैं। फुलकुमारी ने बताया कि जब वह मोतीपुर पीएचसी में जाकर गर्भवती होने की जानकारी दी तो अल्ट्रासाउंड करवाया गया। अल्ट्रासाउंड की रिपोर्ट में फुलकुमारी गर्भवती पाई गईं। रिपोर्ट आने के बाद से वह काफी परेशान है। वह खुद हैरान है कि नसबंदी के दो साल बाद वह फिर से गर्भवती कैसे हो गईं। फुलकुमारी के परिजन भी इस रिपोर्ट के आने से हैरान है। 

news image

फुलकुमारी ने पांचवे बच्चे के पालन-पोषण के लिए सरकार से 11 लाख रुपये हर्जाने के तौर पर मांगे हैं। इस मामले पर फुलकुमारी के अधिवक्ता डॉ. एसके झा ने कहा कि यह गंभीर मामला है जिसके लिए स्वास्थ्य महकमे के सर्वोच्च पदाधिकारी भी जिम्मेदार हैं। मामले में प्रधान सचिव के अलावा स्वास्थ्य सचिव, परिवार नियोजन के उपनिदेशक और मोतीपुर पीएचसी के प्रभारी डॉक्टर को पक्षकार बनाया गया है।अधिवक्ता ने कहा है कि वो फुलकुमारी के न्याय की लड़ाई हर स्तर पर लड़ेंगे। परिवार नियोजन के ऑपरेशन के दो साल बाद गर्भवती होने से परिजन भी सकते में हैं और स्वास्थ्य विभाग पर सवाल उठाते हुए न्याय की मांग कर रहे हैं।