ब्रेकिंग न्यूज़

सोन नहर के किनारे लगेगा 10 मेगावाट सोलर प्लांट, बिहार में ग्रीन एनर्जी को मिलेगा बढ़ावा सोन नहर के किनारे लगेगा 10 मेगावाट सोलर प्लांट, बिहार में ग्रीन एनर्जी को मिलेगा बढ़ावा BIHAR NEWS : बांध का रास्ता बना डर का रास्ता! युवक से मारपीट कर 20 हजार की लूट, इलाके में दहशत फैल गई Bihar Board Topper List 2026 : बिहार बोर्ड मैट्रिक रिजल्ट 2026 जारी – इस बार सिमुलतला स्कूल की छात्रा बनी टॉपर, देखें टॉपर्स की पूरी सूची BIHAR NEWS : बिहार की राजनीति में बड़ा खेल : कांग्रेस विधायक सुरेंद्र कुशवाहा पहुंचे मंत्री अशोक चौधरी के घर; क्या होने वाला है बड़ा उलटफेर? बिहार की 26 NH परियोजनाओं का जल्द शुरू होगा काम, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया हुई तेज बिहार की 26 NH परियोजनाओं का जल्द शुरू होगा काम, भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया हुई तेज Bihar Board 10th Result 2026 : कुछ देर में जारी होंगे मैट्रिक परीक्षा के नतीजे, यहां जानें पूरी जानकारी और फेल होने पर क्या है विकल्प घर के बाहर खेल रही चार साल की मासूम को मारी गोली, सिर के आर-पार हुई बुलेट; हालत नाजुक Bihar police : अब नहीं लगेगा थाने का चक्कर! ऑनलाइन मिलेंगी 11 बड़ी सुविधाएं, यह स्मार्ट पोर्टल बना गेमचेंजर

Home / crime / पटना में प्राइवेट हॉस्पिटल की मनमानी, कोरोना पेशेंट से 1.15 लाख की वसूली...

पटना में प्राइवेट हॉस्पिटल की मनमानी, कोरोना पेशेंट से 1.15 लाख की वसूली कर बिल 50 हजार का ही थमाया, केस दर्ज

25-May-2021 08:07 AM

PATNA : पटना में कोरोना संक्रमण के इस दौर में मरीजों से मनमानी वसूली करने कई निजी अस्पतालों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है. लेकिन प्रशासनिक कार्रवाई को ठेंगा दिखाते हुए अवैध वसूली करने का सिलसिला अभी भी जारी है. दरअसल, पटना के बाईपास स्थित मेडीवर्ल्ड हॉस्पिटल को कोरोना मरीज के इलाज की अनुमति नहीं है. इसके बावजूद कोरोना मरीज को भर्ती कर महज 20 घंटे में परिजनों से 1.15 लाख रुपए की वसूली कर ली लेकिन, डिस्चार्ज होने पर मरीज के परिजनों को 50 हजार रुपए का ही बिल दिया. 


परिजनों ने इसकी शिकायत पुलिस से की जिसके बाद जिला प्रशासन के धावा दल ने अस्पताल पहुंचकर जांच की. इसमें भर्ती मरीज के परिजनों का आरोप सही पाया. इसके बाद रामकृष्णानगर थाने में अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है. दरअसल, वैशाली जिले के महुआ निवासी विजय कुमार सिंह ने जिला प्रशासन के नंबर पर शिकायत की थी. विजय के परिजन कोरोना से संक्रमित थे. बेहतर इलाज के लिए उन्हें 17 मई की शाम 4 बजे अस्पताल में भर्ती हुए थे. 18 मई को डिस्चार्ज किया गया. 


अस्पताल ने विजय को 50 हजार का बिल दिया. बिल सरकारी गाइडलाइन के अनुसार नहीं बनाया गया था. जांच के दौरान धावा दल ने आरोप को सही पाया. इसके बाद संपतचक के प्रखंड सहकारिता पदाधिकारी सह मजिस्ट्रेट गौरव रंजन कुमार ने IPC, आपदा प्रबंधन अधिनियम, महामारी एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज कराया है.