बेगूसराय में बालू माफिया पर बड़ा प्रहार: अभियान में 3 वाहन जब्त, लाइनर सहित 3 गिरफ्तार EWS Certificate : EWS सर्टिफिकेट बनवाना हुआ आसान! बिहार सरकार ने जारी की नई गाइडलाइन; जानें किन नियमों में हुआ बदलाव Income Tax New Rules: 1 अप्रैल से बदल जाएंगे कई नियम, जानें आपकी जेब पर क्या पड़ेगा असर lockdown news India : क्या फिर लगेगा लॉकडाउन? तेल संकट से भारत में मची हलचल; सरकार का आया जवाब; जानिए क्या है सच्चाई रामनवमी पर आया बड़ा अपडेट: इस दिन दिखेगी ‘रामायण’ की दूसरी झलक, आ गई रिलीज़ डेट Bihar News : रामनवमी पर बड़ा हादसा, गंगा में नहाने गए परिवार पर टूटा कहर; बच्ची की मौत Bihar News: छुट्टी पर आए CRPF जवान की पटना में मौत, इलाज के दौरान तोड़ा दम, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ गेमिंग ऐप के जरिए करोड़ों की ठगी का खुलासा: 5 साइबर अपराधी गिरफ्तार, दुबई-नेपाल तक फैला नेटवर्क महानवमी के दिन मातम में बदली खुशियां: भाई को बचाने उतरीं दो बहनें भी डूबीं, छपरा में 3 बच्चों की दर्दनाक मौत PM Modi : ईरान संकट पर पीएम मोदी की बड़ी बैठक, आज शाम 6 बजे CM नीतीश कुमार होंगे शामिल
27-Feb-2026 06:00 PM
By FIRST BIHAR
Bihar Education News: दिसंबर और जनवरी माह में ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर मध्याह्न भोजन से संबंधित रिपोर्ट दर्ज नहीं करना सुपौल जिले के 626 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को महंगा पड़ गया। शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित दिनों की परिवर्तन मद की कुल 11 लाख 30 हजार 657 रुपये की राशि काट ली है।
विभागीय जानकारी के अनुसार, दिसंबर माह में 375 विद्यालयों की करीब 9 लाख रुपये तथा जनवरी में 251 विद्यालयों की 2 लाख 30 हजार 675 रुपये की राशि की कटौती की गई है। साथ ही संबंधित प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है। नियम के अनुसार एमडीएम संचालित विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को प्रतिदिन शाम 4 बजे तक लाभान्वित बच्चों की संख्या ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर ऑनलाइन दर्ज करनी होती है। लेकिन कई विद्यालयों द्वारा यह अनिवार्य रिपोर्ट अपलोड नहीं की गई।
एमडीएम डीपीओ आलोक शेखर आनंद ने बताया कि विभाग द्वारा लगातार निर्देश दिए जाने के बावजूद जिले के सभी स्कूल नियमित रूप से पोर्टल पर डेटा अपलोड नहीं कर रहे हैं। इसी कारण संबंधित विद्यालयों की परिवर्तन राशि में कटौती की गई है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन प्रधानाध्यापकों ने एमडीएम से संबंधित पंजी विभाग को समर्पित नहीं किया है, उन विद्यालयों की योजना मद की लिमिट राशि फिलहाल स्थगित रखी गई है। विभाग ने भविष्य में लापरवाही बरतने पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।