ब्रेकिंग न्यूज़

बंद कमरे में चल रहा था गंदा काम: नशे की हालत में चौकीदार और मालिक समेत तीन युवतियां गिरफ्तार Bihar News: पेपर लीक कांड के मास्टरमाइंड संजीव मुखिया का दाहिना हाथ 'मुखिया' गिरफ्तार, दर्जनों खेल में था शामिल, EOU ने पटना से किया अरेस्ट... पिता की सिलाई मशीन से बुना सपना, बेटी शाजिया ने किया साकार: आर्ट्स में बिहार की तीसरी टॉपर बनकर रचा इतिहास पति-पत्नी और वो का मामला: मास्टर के प्यार में पागल बीवी ने पति का घोंट डाला गला, इलाके में मचा हड़कंप बगहा की नासरीन प्रवीण बनीं बिहार आर्ट्स की थर्ड टॉपर, उत्तर बिहार में रहीं अव्वल Bihar Topper Success Story: नाना के निधन से टूटा मन, फिर भी नहीं हारी हिम्मत, गया की निशु बनी बिहार टॉपर बिहार में अपराधियों का तांडव: बाइक सवार बदमाशों ने कारोबारी को मारी गोली, दिनदहाड़े फायरिंग से हड़कंप बिहार में अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई: पंचमहला से हथियारबंद दो अपराधी गिरफ्तार, सोनू-मोनू गैंग से जुड़े तार मुजफ्फरपुर की पलक ने इंटर साइंस में 5वां रैंक किया हासिल, जिले और स्कूल का नाम किया रोशन निशांत कुमार का बड़ा बयान: 2005 से पहले बिहार में था दंगा और हिंसा का दौर, पिताजी ने बदली तस्वीर

Home / bihar / sitamarhi-news / BIHAR: सरकारी योजनाओं की खुली पोल: तटबंध मरम्मत में नाबालिग बच्चों से कराया...

BIHAR: सरकारी योजनाओं की खुली पोल: तटबंध मरम्मत में नाबालिग बच्चों से कराया जा रहा काम

बैरगनिया के बागमती परियोजना क्षेत्र में तटबंध मरम्मत का कार्य नाबालिग बच्चों से कराया जा रहा है। वायरल तस्वीरों में मासूम बच्चे बोरे में मिट्टी भरते नजर आए, जिससे सरकारी तंत्र की लापरवाही उजागर हुई है।

14-Jun-2025 02:30 PM

By First Bihar

SITAMARHI: सीतामढ़ी जिले के बैरगनिया रिंग बांध में जल संसाधन विभाग द्वारा तटबंध की मरम्मत का काम कराया जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि इस महत्वपूर्ण कार्य में मजदूरों की जगह नाबालिग बच्चों से काम करवाया जा रहा है। बैरगनिया तटबंध के परसौनी पंचायत अंतर्गत बागमती परियोजना की वायरल हो रही वीडियो में मासूम बच्चे बोरे में मिट्टी भरते और ढोते नजर आ रहे हैं।


जहाँ एक ओर सरकार बाल मजदूरी को खत्म करने की दिशा में कानून बना रखी है, तो वहीं दूसरी ओर सरकारी योजनाओं में ही बाल मजदूरी को रोकने के लिए बने नियमों की खुलेआम धज्जियाँ उड़ाई जा रही हैं। यह दृश्य न केवल बाल अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि प्रशासन की लापरवाही को भी उजागर करता है।


स्थानीय लोगों की माने तो काम की निगरानी करने वाला कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर मौजूद नहीं था। बच्चों को बिना किसी सुरक्षा उपकरण के जोखिमभरे कार्य में लगाया गया है, जो पूरी तरह से गैरकानूनी है।अब सवाल यह उठता है कि क्या जल संसाधन विभाग इस मामले में कोई जवाबदेही तय करेगा? और क्या बाल श्रम कानून का उल्लंघन करने वालों पर कोई कार्रवाई होगी?