Bihar News : अब नहीं लेट होगी ट्रेन, मोकामा में बन गया नया गंगा रेल पुल; इस महीने से शुरू होगा नया गंगा रेल पुल BIHAR NEWS : शादी से पहले मुसीबत बना Love Tattoo! हटाने उमड़ रही भीड़, इस जगह हो रहा मुफ्त इलाज BIHAR NEWS : अब मेयर नहीं, पार्षद तय करेंगे सशक्त स्थायी समिति! नामांकन, वोटिंग, रिजल्ट एक ही दिन; बिहार में बदली चुनाव की पूरी व्यवस्था Aadhaar Card : आधार में जन्मतिथि सुधार पर हाईकोर्ट सख्त, बोला—वैध दस्तावेज हों तो तुरंत करें बदलाव, बड़े अधिकारी को किया तलब Bihar News : बिहार सिपाही भर्ती पेपर लीक कांड: पूर्व DGP सिंघल से जुड़ा कनेक्शन, EOU ने मांगा जवाब—जांच में चौंकाने वाले खुलासे! Bihar Mahila Rojgar Yojana : महिला रोजगार योजना की दूसरी किस्त का ऐलान! 2 लाख जीविका दीदियों के खाते में इस दिन आएंगे 20-20 हजार रुपये अतिक्रमण हटाने गई जिला प्रशासन की टीम पर हमला, पथराव में नगर परिषद के इंस्पेक्टर घायल अतिक्रमण हटाने गई जिला प्रशासन की टीम पर हमला, पथराव में नगर परिषद के इंस्पेक्टर घायल मोकामा में अनंत सिंह का अंतरराष्ट्रीय महादंगल, देश-विदेश के 101 पहलवानों ने दिखाई ताकत; किसने मारी बाजी? मोकामा में अनंत सिंह का अंतरराष्ट्रीय महादंगल, देश-विदेश के 101 पहलवानों ने दिखाई ताकत; किसने मारी बाजी?
21-Aug-2025 03:21 PM
By First Bihar
PM Awas Yojana: बिहार के कैमूर जिले में प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojana – स्वरोजगार निधि) के तहत वर्ष 2016 से 2021‑22 तक जिले में धनराशि प्राप्त करने के बाद भी 413 लाभुकों ने आवास निर्माण पूरा नहीं किया, जिससे योजना का लाभ निष्पक्ष रूप से नहीं पहुंच पाया। इन अपूर्ण आवासों को ग्रामीण विकास विभाग ने चिन्हित कर तीन श्रेणियों (A, B, C) में वर्गीकृत किया है, और संबंधित लाभुकों से राशि वसूली की कार्रवाई जल्द शुरू करने की योजना बनाई है।
श्रेणीबद्ध विभाजन में- श्रेणी A- 146 लाभुक, श्रेणी B में 119 लाभुक और श्रेणी C में 148 लाभुकों पर वसूली की कार्रवाई शुरु होगी। सहयोगी विकास आयुक्त ने पुष्टि की कि 2016–22 के बीच जो आवास अधूरे हैं, उनकी सूची विभाग को उपलब्ध कराई जाएगी। अन्य श्रेणियों B और C की प्रखंडवार सूची भी इसी तरह विस्तृत रूप में उपलब्ध है।)
भुगतान की किश्त मिली, लेकिन निर्माण नहीं हुआ। यह तथ्य गंभीर है, जिससे योजना की विश्वसनीयता पर प्रश्न उठता है। लाभुकों को सुधारात्मक कार्रवाई के लिए बुलाया जाएगा, और यदि घर पूरा नहीं किया गया, तो योजना की धनराशि वापसी के साथ-साथ प्रतिभागिता रद्द की जाएगी। ग्रामीण विकास विभाग द्वारा लाभुकों को पुन: निर्माण पूरा करने हेतु सहायता एवं निर्देश प्रदान किए जा रहे हैं।
यह मामला यह दर्शाता है कि पीएम आवास जैसे योजनाओं में अगर पर्याप्त निगरानी और त्वरित रीड चेक न हो तो जनता को intended लाभ समय पर नहीं मिल पाते। विभागीय लापरवाही और लाभुकों की निष्क्रियता का संयोजन योजनाओं की सफलता में बाधा बन सकता है। इस कदम से यह स्पष्ट संदेश जा रहा है कि संकल्प और जवाबदेही दोनों आवश्यक हैं।