अपने संबोधन में उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि चिपुरा पंचायत के मुखिया सतीश कुमार सिंह ने उन्हें जानकारी दी है कि संपतचक प्रखंड में अब तक एक भी डिग्री कॉलेज नहीं है। इस कारण स्थानीय छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए पटना शहर या आसपास के दूसरे प्रखंडों में जाना पड़ता है, जिससे समय और पैसे दोनों की बर्बादी होती है। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने भरोसा दिलाया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से बातचीत कर एक वर्ष के भीतर संपतचक प्रखंड में डिग्री कॉलेज खोलने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
उपमुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद एसडीएम को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि जैसे ही कॉलेज के लिए जमीन उपलब्ध होती है, एक सप्ताह के भीतर निर्माण प्रक्रिया शुरू कर दी जाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और किसी भी हाल में इसमें लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कॉलेज खुलने से न सिर्फ स्थानीय छात्रों को लाभ होगा, बल्कि पूरे इलाके में शैक्षणिक माहौल मजबूत होगा।
पक्की सड़कों से बदली तस्वीर
सम्राट चौधरी ने अपने भाषण में संपतचक इलाके में हुए बुनियादी ढांचे के विकास का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कुछ साल पहले तक इस क्षेत्र में आने-जाने में लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। खराब सड़कों की वजह से घंटों जाम लगा रहता था और मरीजों, छात्रों तथा कामकाजी लोगों को काफी दिक्कत होती थी। लेकिन आज मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में सड़क का मजबूत नेटवर्क तैयार किया गया है। पक्की सड़कों के निर्माण से अब लोग महज 15 मिनट में सचिवालय तक पहुंच रहे हैं, जो विकास की साफ तस्वीर पेश करता है।
शुद्ध पेयजल और बुनियादी सुविधाएं सरकार की प्राथमिकता
डिप्टी सीएम ने कहा कि संपतचक इलाके में शुद्ध पेयजल की समस्या लंबे समय से बनी हुई है, जिसका स्थायी समाधान किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि हर घर तक स्वच्छ और पर्याप्त पेयजल पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है और इसके लिए जरूरी योजनाओं को तेज गति से लागू किया जाएगा। इसके साथ ही बिजली, पानी, सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी सभी बुनियादी सुविधाएं आम जनता तक पहुंचाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।
रोजगार और उद्योग पर सरकार का फोकस
अपने संबोधन में सम्राट चौधरी ने राज्य सरकार की रोजगार और औद्योगिक नीति पर भी विस्तार से बात की। उन्होंने बताया कि छोटे-मोटे उद्योग शुरू करने के लिए सरकार दो लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता दे रही है, ताकि युवा खुद का रोजगार शुरू कर सकें। सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि बिहार के लोगों को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में पलायन न करना पड़े और उन्हें अपने ही राज्य में बेहतर अवसर मिलें।
उन्होंने कहा कि बंद पड़े उद्योगों को फिर से चालू किया जाएगा और बड़े पैमाने पर नए उद्योग स्थापित किए जा रहे हैं। बिहार में देश के बड़े-बड़े उद्योगपतियों को निवेश के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। इसके अलावा बिहार में 126 किलोमीटर लंबा मरीन ड्राइव बनने जा रहा है, जिसमें उद्योगपति निवेश करेंगे और इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।सम्राट चौधरी ने कहा कि सरकार विकास को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। शिक्षा, सड़क, पानी और रोजगार के क्षेत्र में लिए जा रहे फैसले बिहार को आगे बढ़ाने की दिशा में मजबूत कदम साबित होंगे।