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20-Jan-2026 07:42 AM
By First Bihar
Unity Mall Patna : पटना में जल्द ही एक और बड़ी विकास परियोजना आकार लेने जा रही है। राजधानी के बोरिंग पानी टंकी के पास, अटल पथ के समीप प्रधानमंत्री एकता मॉल (यूनिटी मॉल) का निर्माण किया जाएगा। यह मॉल केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ODOP) योजना की अवधारणा को साकार करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। इस परियोजना के माध्यम से न सिर्फ बिहार बल्कि देश के हर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश के पारंपरिक, हस्तशिल्प एवं विशिष्ट उत्पादों को एक ही छत के नीचे प्रदर्शित और विपणन का मंच मिलेगा।
प्रधानमंत्री एकता मॉल का उद्देश्य देश की सांस्कृतिक विविधता और पारंपरिक विरासत को बढ़ावा देना है। यहां बिहार के विभिन्न जिलों में तैयार होने वाले प्रसिद्ध उत्पादों के साथ-साथ भारत के अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पारंपरिक सामान भी उपलब्ध होंगे। इससे स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और छोटे उद्यमियों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी और उनके उत्पादों के लिए स्थायी बाजार तैयार होगा। साथ ही यह मॉल राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस महत्वाकांक्षी परियोजना को लेकर नगर आयुक्त यशपाल मीणा ने बुडको (बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम) के अधिकारियों के साथ प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान स्थल की उपलब्धता, यातायात प्रबंधन, सुरक्षा मानकों और मॉल में प्रस्तावित सुविधाओं को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई। नगर आयुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिए कि स्थल पर मौजूद अवरोधों और जीर्ण-शीर्ण निर्माणों को यथाशीघ्र हटाया जाए, ताकि निर्माण कार्य के दौरान किसी भी प्रकार की बाधा या आम लोगों को असुविधा न हो।
नगर आयुक्त ने बताया कि प्रधानमंत्री एकता मॉल के लिए संबंधित स्थल का हस्तांतरण पहले ही किया जा चुका है। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना से जुड़े सभी कार्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर और गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूरा करने के निर्देश दिए। उनका कहना था कि भविष्य में मॉल के संचालन के दौरान नागरिकों और आगंतुकों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए अभी से हर पहलू पर गंभीरता से ध्यान देना आवश्यक है।
परियोजना में पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन पर भी विशेष जोर दिया गया है। इसके तहत हरित क्षेत्र का विकास, जल निकासी की उचित व्यवस्था और ऊर्जा दक्ष तकनीकों के उपयोग को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा, सुव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था और आगंतुकों की सुरक्षा के लिए आधुनिक उपाय अपनाने की योजना है, ताकि मॉल में आने वाले लोगों को सुरक्षित और सुविधाजनक अनुभव मिल सके।
प्रधानमंत्री एकता मॉल का कुल स्थल क्षेत्रफल 12054 वर्गमीटर, यानी लगभग 2.978 एकड़ होगा। प्रस्तावित परियोजना के अंतर्गत 3069.67 वर्गमीटर क्षेत्र में ग्राउंड कवरेज निर्धारित किया गया है। मॉल का निर्माण बेसमेंट, भूतल और उसके ऊपर 5 तल्लों के रूप में किया जाएगा। इसका कुल बिल्टअप एरिया 19466.1 वर्गमीटर होगा, जो इसे राजधानी के बड़े व्यावसायिक और सांस्कृतिक केंद्रों में शामिल करेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री एकता मॉल के निर्माण से पटना को एक नई पहचान मिलेगी। यह मॉल न केवल खरीदारी का केंद्र बनेगा, बल्कि देश की विविध सांस्कृतिक विरासत को जानने और समझने का भी एक महत्वपूर्ण मंच होगा। पर्यटन, रोजगार और व्यापार—तीनों क्षेत्रों में इसके सकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेंगे। आने वाले समय में यह मॉल पटना के प्रमुख आकर्षणों में शुमार हो सकता है और राजधानी के विकास में एक नया अध्याय जोड़ सकता है।