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15-Jun-2025 08:52 AM
By First Bihar
Patna News: बिहार सरकार के गृह विभाग ने राज्य के आईपीएस अधिकारियों के तबादले की एक बड़ी सूची जारी की है। इस फेरबदल के तहत पटना एसएसपी अवकाश कुमार का तबादला कर दिया गया है। उन्होंने इसी वर्ष जनवरी में पटना की कमान संभाली थी। उनकी जगह अब कार्तिकेय के शर्मा को पटना का नया एसएसपी नियुक्त किया गया है, जो इससे पहले पूर्णिया जिले में एसपी के पद पर कार्यरत थे।
2014 बैच के आईपीएस अधिकारी कार्तिकेय के शर्मा अपनी तेज-तर्रार कार्यशैली और गहन अनुसंधान क्षमता के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने कई जटिल आपराधिक मामलों को सुलझाने में विशेष दक्षता दिखाई है। शेखपुरा जिले में एसपी के कार्यकाल के दौरान एक चर्चित डकैती व हत्या कांड को सुलझाकर उन्होंने अपनी कुशल नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया था। स्कूल संचालिका के घर पर हुई डकैती और हत्या की गुत्थी उन्होंने एक पुराने चोरी गए मोबाइल के आधार पर सुलझाई और पूरे गिरोह को जेल की सलाखों के पीछे पहुंचाया।
शर्मा ने न केवल अपराधियों की गिरफ्तारी करवाई, बल्कि उनके खिलाफ स्पीडी ट्रायल भी सुनिश्चित कराया। इसके तहत सभी अभियुक्तों को जल्द से जल्द सजा दिलवाई गई, जिससे आम जनता में कानून के प्रति विश्वास बढ़ा। बरबीघा में करीब 2.5 करोड़ रुपये के सोने की लूट की घटना को कार्तिकेय शर्मा ने मात्र 24 घंटे में सुलझा लिया था। उन्होंने डकैत गिरोह को धर-दबोचा और लूट का सामान भी बरामद किया, जिससे वे जनता और प्रशासन में सराहे गए।
शेखपुरा में कार्तिकेय शर्मा के नेतृत्व में साइबर अपराधियों की कमर तोड़ दी गई थी। उन्होंने कई बड़े साइबर फ्रॉड रैकेट का भंडाफोड़ कर दर्जनों अपराधियों को जेल भेजा। ऑनलाइन ठगी, फेक कॉल सेंटर और बैंकिंग फ्रॉड से जुड़े मामलों में उन्होंने लगातार कार्रवाई की। राजधानी पटना जैसे महानगर में कानून-व्यवस्था संभालना किसी भी अधिकारी के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी होती है। कार्तिकेय शर्मा के सामने अब अपराध नियंत्रण, महिला सुरक्षा, साइबर क्राइम, और युवाओं में बढ़ती आपराधिक प्रवृत्तियों जैसे अहम मुद्दों पर काम करने की चुनौती होगी।
पिछले कुछ महीनों में पटना में चेन स्नैचिंग, लूट, और साइबर ठगी के मामलों में वृद्धि देखी गई है। ऐसे में शर्मा का अनुभव और उनकी सख्त कार्यशैली इस दिशा में प्रभावी साबित हो सकती है। पटना के नागरिकों को कार्तिकेय शर्मा से उम्मीद है कि वे अपराध पर लगाम लगाने में सफल रहेंगे और कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाएंगे। उनका पिछला कार्यकाल इस बात का संकेत देता है कि वे एक्शन ओरिएंटेड और नतीजा-उन्मुख अधिकारी हैं।