पति-पत्नी और वो का मामला: मास्टर के प्यार में पागल बीवी ने पति का घोंट डाला गला, इलाके में मचा हड़कंप बगहा की नासरीन प्रवीण बनीं बिहार आर्ट्स की थर्ड टॉपर, उत्तर बिहार में रहीं अव्वल Bihar Topper Success Story: नाना के निधन से टूटा मन, फिर भी नहीं हारी हिम्मत, गया की निशु बनी बिहार टॉपर बिहार में अपराधियों का तांडव: बाइक सवार बदमाशों ने कारोबारी को मारी गोली, दिनदहाड़े फायरिंग से हड़कंप बिहार में अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई: पंचमहला से हथियारबंद दो अपराधी गिरफ्तार, सोनू-मोनू गैंग से जुड़े तार मुजफ्फरपुर की पलक ने इंटर साइंस में 5वां रैंक किया हासिल, जिले और स्कूल का नाम किया रोशन निशांत कुमार का बड़ा बयान: 2005 से पहले बिहार में था दंगा और हिंसा का दौर, पिताजी ने बदली तस्वीर ट्रेनों में तत्काल टिकट के लिए नया सिस्टम लागू, लंबी लाइनों और धोखाधड़ी से मिलेगी राहत ट्रेनों में तत्काल टिकट के लिए नया सिस्टम लागू, लंबी लाइनों और धोखाधड़ी से मिलेगी राहत उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने चाणक्य, अशोक और जरासंध से CM नीतीश की तुलना, कहा–दिल्ली से बिहार को करेंगे गाइड
23-Jun-2025 09:28 AM
By First Bihar
Patna News: राजधानी पटना के बोरिंग रोड चौराहे के पास शनिवार की देर रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक निजी बिल्डर द्वारा अवैध रूप से कराए जा रहे निर्माण कार्य में 30 फीट गहरा गड्ढा खोद दिया गया। इस गड्ढे के कारण आसपास के कई घरों के गिरने का खतरा उत्पन्न हो गया, जिससे स्थानीय निवासी भयभीत हो गए।
सूचना मिलते ही जिलाधिकारी डॉ. त्यागराजन एसएम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आपदा प्रबंधन के एडीएम डीपी शाही एवं एनडीआरएफ की टीम को रात में ही घटनास्थल पर भेजा। राहत व बचाव कार्यों के तहत एहतियातन आसपास के मकानों को खाली कराया गया। रविवार सुबह लगभग 8:30 बजे स्वयं जिलाधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया।
स्थानीय लोगों ने बताया कि बोरिंग रोड चौराहे पर स्थित एक प्रसिद्ध मिठाई दुकान के ठीक पीछे बिल्डर ने अत्यंत संकरी जगह में दो-तीन घरों से सटाकर गहरा गड्ढा कर दिया, जिसमें बारिश के कारण पानी भर गया है। इससे नींव की मजबूती पर असर पड़ा और आसपास के भवनों के धंसने की आशंका बढ़ गई। कई मकानों में दरारें भी देखी गई हैं।
जिलाधिकारी ने बताया कि लोगों की जान-माल की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसलिए प्रभावित घरों को तत्काल खाली कराया गया है। साथ ही, आसपास की दुकानों और अन्य भवनों को भी चिह्नित कर वहां से लोगों को हटाने के निर्देश दिए गए हैं। पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर दी गई है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोका जा सके।
घटना की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। समिति में एडीएम (आपदा प्रबंधन), अपर नगर आयुक्त और सदर डीसीएलआर को शामिल किया गया है। समिति को यह जांचने का आदेश दिया गया है कि बिल्डर ने निर्माण कार्य में बिल्डिंग बायलॉज, आपदा प्रबंधन अधिनियम और अन्य संबंधित प्रविधानों का पालन किया है या नहीं।
डॉ. त्यागराजन ने स्पष्ट किया कि यदि बिल्डर द्वारा किसी प्रकार का उल्लंघन पाया गया, तो तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही, निर्माण कार्यों की निगरानी के लिए अनुमंडल पदाधिकारियों को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र में सतत अनुश्रवण करें, ताकि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
जिलाधिकारी ने नगर निगम और संबंधित विभागों को निर्देश दिया है कि वे पूरे शहर में चल रहे निर्माण कार्यों का ऑडिट करें और यह सुनिश्चित करें कि सभी प्रोजेक्ट्स में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा है या नहीं। जिन निर्माण स्थलों पर नियमों की अनदेखी हो रही है, उनके विरुद्ध त्वरित कार्रवाई की जाएगी।