रेलवे का बड़ा तोहफा! अमृतसर–कटिहार–न्यू जलपाईगुड़ी रूट पर चलेगी खास ट्रेन, देखिए नंबर और टाइमिंग Bihar News : अचानक लोकभवन पहुंचे नीतीश कुमार, क्या मुख्यमंत्री पद से देंगे इस्तीफा? बिहार की सियासत में तेज हुई चर्चा JDU meeting : नीतीश के एक फैसले से क्यों बदल गया जेडीयू का माहौल? मंत्री ने दिया चौंकाने वाला बयान; पढ़िए क्या कहा Bihar Crime News : आम के पेड़ से लटके मिले किशोरी और युवक के शव, गांव में मची सनसनी UPSC Result 2025 : बिहारियों का फिर बजा डंका, जानिए कितने अभ्यर्थी हुए सफल, यहां देखें लिस्ट Bihar politics : बिहार की सियासत में नया अध्याय : निशांत ने संभाली JDU की कमान ! संजय झा के घर विधायकों के साथ हाईलेवल मीटिंग, बनी यह ख़ास रणनीति HRMS Portal Railway: महिला कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए रेलवे का बड़ा कदम, अब इस तरह से कर सकेंगी शिकायत Bihar News : एक ही परिवार से उठी दो अर्थी, मामा-भांजे की सड़क हादसे में दर्दनाक मौत IAS SUCCESS STORY : छोटे से गांव का बड़ा कमाल : कोचिंग नहीं की… फिर भी UPSC में टॉप! पटना के इशित्व ने कर दिखाया कमाल; सक्सेस स्टोरी हो रही वायरल Bihar Ration Card eKYC : बिहार में राशन कार्डधारियों को इस डेट तक हर हाल में करना होगा यह काम, डेढ़ करोड़ लाभुकों का कट सकता है नाम
17-Apr-2025 07:09 AM
By First Bihar
BIHAR NEWS : बिहार में पुल के बेहतर रखरखाब के लिए 'ब्रिज मेंटेनेंस' पॉलिसी आने वाली है। इसको लेकर पुल नीति बनकर तैयार है। इसे राज्य कैबिनेट के समक्ष जल्द ले जाया जाएगा।
दरअसल, बुधवार को जेपी गंगा पथ का निरीक्षण करने के दौरान पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने पुल नीति तैयार होने की जानकारी साझा की है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार बिहार में लगभग 3500 से अधिक छोटे-बड़े पुल हैं।
बताया जा रहा है कि नीति आने पर इन पुलों का हेल्थ कार्ड बनेगा। इससे ब्रिज की वास्तविक स्थिति की जानकारी मिलती रहेगी। इस कार्ड के जरिए पुलों पर होने वाले गड्डे, जलजमाव, क्रैक समेत सभी त्रुटियों का ससमय पता लग सकेगा।
इसके बाद संबंधित इंजीनियरों को इनकी मरम्मत की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इस पॉलिसी को मंजूरी मिलने पर इंजीनियरों को प्रशिक्षण भी दिया जाएगा ताकि नीति का कुशलतापूर्वक क्रियान्वयन किया जा सके। इंडियन रोड कांग्रेस के कोड के आधार पर यह नीति लागू होगी, जिससे पुलों के रखरखाव एवं ब्रिज हेल्थ का रिकॉर्ड रखा जाएगा।
इस पॉलिसी के अंतर्गत थर्ड पार्टी ऑडिट का भी प्रावधान होगा। इससे समय-समय पर पुलों में किसी प्रकार की क्षति होगी तो उसकी जानकारी पूर्व में ही प्राप्त हो जाएगी।
इधर, हर महीने पुलों की रियल टाइम निगरानी होगी। इस नीति को बनाने में आईआईटी दिल्ली, आईआईटी रुड़की, आईआईटी मद्रास और आईआईटी पटना से भी मदद ली गई है। विभाग का मानना है कि इस पॉलिसी के आने पर पुलों के जीवन अवधि में वृद्धि हो जाएगी। पुलों का स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट होगा। पहले चरण में 250 मीटर से अधिक लंबाई के 85 पुलों का थर्ड पार्टी स्ट्रक्चरल सेफ्टी ऑडिट आईआईटी पटना और आईआईटी दिल्ली से कराया जाएगा। इसके तहत पुलों का डाटा संग्रह एकत्रित किया जाएगा।