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29-Jun-2025 08:43 AM
By First Bihar
Bihar News: बिहार की औद्योगिक तस्वीर को बदलने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए राज्य में दो विशेष आर्थिक क्षेत्रों (SEZ) की स्थापना की प्रक्रिया तेज हो गई है। इन SEZs को उन औद्योगिक इकाइयों को ध्यान में रखकर विकसित किया जा रहा है, जो अपने उत्पादों का निर्यात (Export) केंद्रित निर्माण करती हैं।
इनमें से एक SEZ बक्सर जिले के नवानगर में और दूसरा पश्चिम चंपारण के कुमारबाग में बनाया जा रहा है। दोनों ही परियोजनाओं को केंद्र सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय से 31 जुलाई 2023 को मंजूरी मिल चुकी है। कुमारबाग SEZ को 5 नवंबर 2023 को अधिसूचित किया गया था। नवानगर SEZ को 19 नवंबर 2023 को अधिसूचना जारी कर औपचारिक स्वीकृति दी गई।
बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA) की तकनीकी समिति ने इन परियोजनाओं के लिए आधारभूत संरचना विकास के लिए नवानगर SEZ के लिए ₹109 करोड़ कुमारबाग SEZ के लिए ₹116 करोड़ का प्राक्कलन तैयार कर बियाडा बोर्ड को प्रशासनिक स्वीकृति के लिए भेजा है। कुल मिलाकर इन दोनों परियोजनाओं पर ₹225 करोड़ से अधिक की लागत आने की संभावना है।
इन दोनों SEZs का विकास प्रधानमंत्री गति शक्ति योजना के तहत किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य बुनियादी ढांचे को तेजी से विकसित करना है। बिहार सरकार के उद्योग विभाग ने इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार से बजट सहायता की मांग की है। जब तक केंद्र से राशि प्राप्त नहीं होती, तब तक बियाडा अपने फंड से निर्माण कार्यों को आगे बढ़ाएगा।
तकनीकी अध्ययन और प्रबंधन की तैयारी में SEZ संचालन और प्रबंधन को बेहतर ढंग से समझने के लिए बिहार उद्योग विभाग ने दिसंबर 2023 में एक टीम को मुंबई और जनवरी 2024 में एक टीम को नोएडा SEZ भेजा था। इन टीमों ने वहां की कार्यप्रणाली, प्रबंधन एवं आधारभूत ढांचे का अध्ययन किया।
SEZs को विशेष रूप से IT, इलेक्ट्रॉनिक्स, वस्त्र (Textile), ऑटो पार्ट्स जैसे निर्यात-उन्मुख क्षेत्रों के लिए विकसित किया जाता है। यहां उद्योगों को कई प्रकार की कर छूट, सिंगल विंडो क्लीयरेंस, और लाइसेंस में छूट जैसी सुविधाएं मिलती हैं। इससे न केवल निवेश आकर्षित होता है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों में भी भारी वृद्धि होती है। राज्य सरकार को उम्मीद है कि इन दोनों SEZs के माध्यम से बिहार को एक नया औद्योगिक और निर्यात केंद्र बनाने की दिशा में सफलता मिलेगी। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।