Bihar Crime News: फर्जी DGP बन टेंडर दिलाने का झांसा देकर ठगे थे 40 लाख, पुलिस की गिरफ्त में आया जालसाज महेश मुखिया Bihar Crime News: फर्जी DGP बन टेंडर दिलाने का झांसा देकर ठगे थे 40 लाख, पुलिस की गिरफ्त में आया जालसाज महेश मुखिया Bihar Politics: बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन आज फिर से पहुंच रहे पटना, क्या है कार्यक्रम? Bihar Politics: बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन आज फिर से पहुंच रहे पटना, क्या है कार्यक्रम? Bihar Crime News: बिहार में देर रात डकैतों का उत्पात, हथियार के बल पर की लाखों की लूटपाट; बमबाजी के थर्राया इलाका Bihar Bhumi: बिहार के जमीन मालिकों को बड़ी राहत, ई-नापी और दाखिल-खारिज के लिए समय सीमा तय Bihar Bhumi: बिहार के जमीन मालिकों को बड़ी राहत, ई-नापी और दाखिल-खारिज के लिए समय सीमा तय PU Student Union Election: पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के लिए नई गाइडलाइन जारी, प्रचार और मतदान में सख्ती PU Student Union Election: पटना विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के लिए नई गाइडलाइन जारी, प्रचार और मतदान में सख्ती Traffic Challan: ट्रैफिक रूल तोड़ने वाले हो जाएं सावधान! बिहार में दो महीने में कटा 90 करोड़ से अधिक का चालान, 138 स्थानों पर लगाए जाएंगे कैमरे
14-Feb-2026 07:33 AM
By FIRST BIHAR
Bihar Bhumi: बिहार में जमीन खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के लिए अहम खबर है। मार्च के बाद जमीन की रजिस्ट्री महंगी हो सकती है। भू-निबंधन विभाग मिनिमम वैल्यू रजिस्टर (MVR) बढ़ाने की तैयारी में है। MVR में वृद्धि होते ही रजिस्ट्री शुल्क भी बढ़ जाएगा, जिसका सीधा असर खरीदारों की जेब पर पड़ेगा।
पुनरीक्षण प्रक्रिया तेज करने का निर्देश
विभागीय सूत्रों के अनुसार, सहायक निबंधन महानिरीक्षक, दरभंगा मणिन्द्र नाथ झा ने पत्र जारी कर पुनरीक्षण प्रक्रिया तेज करने का निर्देश दिया है। अवर निबंधन कार्यालयों समेत संबंधित दफ्तरों को MVR संशोधन की प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने को कहा गया है। अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है। माना जा रहा है कि MVR बढ़ने से सरकारी राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।
वर्षों से नहीं हुआ संशोधन
ग्रामीण इलाकों में अंतिम बार वर्ष 2013 में MVR संशोधित किया गया था, जबकि शहरी और परिधीय (पेरिफेरल) क्षेत्रों में 2016 में आखिरी बदलाव हुआ था। इस दौरान बाजार दरों में भारी वृद्धि हो चुकी है, जिससे जमीन की वास्तविक कीमत और सरकारी मूल्यांकन के बीच बड़ा अंतर पैदा हो गया है।
हर साल संशोधन का प्रस्ताव
नई नियमावली के तहत हर वर्ष MVR संशोधन का प्रावधान प्रस्तावित है। निर्देश दिए गए हैं कि 15 नवंबर 2024 से 15 नवंबर 2025 तक निबंधित दस्तावेजों का विश्लेषण किया जाए। प्रत्येक श्रेणी में पांच सबसे अधिक और पांच सबसे कम मूल्य वाले दस्तावेजों की सूची तैयार की जाएगी।
दस्तावेजों का होगा विश्लेषण
इसके लिए सर्वे दल गठित किए जाएंगे, जो मौजा-वार बाजार दरों की जानकारी जुटाएंगे। अंचलाधिकारी, नगर पंचायत पदाधिकारी और अन्य संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया जाएगा। वर्ष 2017 के भूमि वर्गीकरण निर्देशों को आधार बनाकर आंकड़ों का विश्लेषण किया जाएगा और उसके बाद संशोधित MVR का प्रस्ताव तैयार होगा।