ब्रेकिंग न्यूज़

Patna LPG Crisis : पटना में LPG संकट बेकाबू! 6 दिनों में 21 हजार सिलेंडर बैकलॉग, 10 दिन तक इंतजार से लोग परेशान, अब मुख्य सचिव ने दिया यह आदेश बिहार में जल्द शुरू होगी हेली टूरिज्म सेवा, पटना से बोधगया, नालंदा, राजगीर समेत 8 प्रमुख स्थलों तक मिनटों में पहुंच सकेंगे पर्यटक। BIHAR NEWS : ‘नौकरानी को थार, गर्लफ्रेंड्स को प्लॉट’—SDPO गौतम कुमार से EOU की मैराथन पूछताछ, हर बार सीमाई पोस्टिंग के सवाल पर छूटे पसीने BIHAR BHUMI : बिहार में बड़ा बदलाव! अब SC-ST, विधवा और सैनिकों के जमीन केस सबसे पहले निपटाए जाएंगे, सिन्हा ने कर दिया फैसला Bihar Weather : अचानक बदलेगा मौसम! बिहार में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि का डबल अलर्ट पीयर थाना के अपर थानेदार घूस लेते कैमरे में कैद, मुजफ्फरपुर SSP ने किया सस्पेंड मुंगेर के बाद कटिहार में बुजुर्ग से ठगी: खुद को पुलिस बता ठग ने उड़ा लिए लाखों के जेवर समस्तीपुर में मिनी गन फैक्ट्री का खुलासा, दो बदमाश गिरफ्तार बिहार में नहीं थम रहा भूमि विवाद का मामला, हिंसक झड़प में बुजुर्ग की मौत, मां-बेटी घायल VAISHALI: जढ़ुआ ओपी प्रभारी ने उठा लिया बड़ा कदम, सर्विस रिवॉल्वर से खुद को मारी गोली

Home / bihar / patna-news / Bihar Driving License : हेलमेट-सीट बेल्ट नहीं तो सस्पेंड होगा लाइसेंस! बिहार में...

Bihar Driving License : हेलमेट-सीट बेल्ट नहीं तो सस्पेंड होगा लाइसेंस! बिहार में 52 हजार से ज्यादा DL पर कार्रवाई की तैयारी, परिवहन विभाग सख्त

बिहार में ट्रैफिक नियमों को लेकर सख्ती बढ़ा दी गई है। हेलमेट और सीट बेल्ट नहीं पहनने समेत बार-बार नियम तोड़ने वालों के ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित और रद्द किए जा रहे हैं, जिससे हजारों वाहन चालक कार्रवाई की जद में हैं।

06-Feb-2026 09:43 AM

By First Bihar

Bihar Driving License : बिहार में यातायात नियमों की अनदेखी अब वाहन चालकों के लिए भारी साबित हो रही है। परिवहन विभाग ने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ राज्यभर में सख्त अभियान शुरू कर दिया है। हेलमेट नहीं पहनना, सीट बेल्ट न लगाना, वाहन के कागजात अपडेट नहीं रखना और बार-बार ट्रैफिक नियम तोड़ना अब सीधे ड्राइविंग लाइसेंस पर कार्रवाई की वजह बन रहा है। विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, हजारों वाहन चालकों के लाइसेंस पर निलंबन की तलवार लटक रही है, जबकि कई लोगों के लाइसेंस रद्द भी किए जा चुके हैं।


परिवहन विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, बिहार में कुल 52 हजार 678 ड्राइविंग लाइसेंस को निलंबित करने की प्रक्रिया चल रही है। इनमें से अब तक 4 हजार 514 ड्राइविंग लाइसेंस को निलंबित किया जा चुका है। वहीं, 165 वाहन चालकों के लाइसेंस को पूरी तरह से रद्द कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई उन लोगों के खिलाफ की जा रही है, जो लगातार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते रहे हैं। खास तौर पर हेलमेट नहीं पहनना, सीट बेल्ट का इस्तेमाल नहीं करना, ओवरस्पीडिंग करना और वाहन के जरूरी कागजात नहीं रखना इस कार्रवाई के मुख्य कारण बन रहे हैं।


मुजफ्फरपुर जिले में भी बड़ी संख्या में वाहन चालकों पर कार्रवाई की जा रही है। यहां 6 हजार 143 ड्राइविंग लाइसेंस को निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। जिले में अब तक 872 लाइसेंस निलंबित किए जा चुके हैं, जबकि 30 लाइसेंस पूरी तरह से रद्द कर दिए गए हैं। वहीं, भागलपुर जिले में 9 हजार 766 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबन की सूची में शामिल किए गए हैं। इससे साफ है कि राज्य के कई जिलों में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन गंभीर स्तर पर सामने आया है।


सबसे ज्यादा कार्रवाई राजधानी पटना में देखने को मिल रही है। पटना जिले में यातायात नियमों के उल्लंघन के सबसे अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। यहां 34 हजार 561 ड्राइविंग लाइसेंस को निलंबित करने की तैयारी की जा रही है। इसके विपरीत लखीसराय जिले में सबसे कम मामले सामने आए हैं, जहां केवल दो लाइसेंस को रद्द करने की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।


मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (एमवीआई) राकेश रंजन ने बताया कि जब कोई वाहन चालक बार-बार यातायात नियमों का उल्लंघन करता है, तो उनके स्तर से इसकी अनुशंसा की जाती है, जिसके बाद संबंधित चालक के ड्राइविंग लाइसेंस को निलंबित किया जाता है। उन्होंने कहा कि निलंबन अवधि के दौरान अगर कोई व्यक्ति वाहन चलाते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ 5 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इतना ही नहीं, अगर निलंबन अवधि में भी चालक नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसका ड्राइविंग लाइसेंस पूरी तरह से रद्द किया जा सकता है।


एमवीआई ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि निलंबन अवधि के दौरान चालक वाहन नहीं चलाता और कोई ट्रैफिक नियम नहीं तोड़ता है, तो तीन महीने बाद उसका निलंबन स्वतः समाप्त हो जाता है। परिवहन विभाग का कहना है कि इस सख्ती का मुख्य उद्देश्य लोगों को ट्रैफिक नियमों के प्रति जागरूक करना और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है। विभाग का मानना है कि नियमों का पालन करने से न केवल वाहन चालक सुरक्षित रहेंगे, बल्कि सड़क पर चलने वाले अन्य लोगों की भी सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।


सरकार और परिवहन विभाग की इस कार्रवाई से साफ संकेत मिल रहा है कि अब ट्रैफिक नियमों को लेकर किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे में वाहन चालकों को चाहिए कि वे सभी आवश्यक दस्तावेज साथ रखें, हेलमेट और सीट बेल्ट का नियमित इस्तेमाल करें और यातायात नियमों का पूरी तरह पालन करें, ताकि किसी भी तरह की कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।