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13-Feb-2026 11:19 AM
By First Bihar
Paramedical Exam Bihar : बिहार विधानसभा के बजट सत्र के दौरान शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दे पर सदन में चर्चा हुई। प्रश्नकाल के दौरान जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के एक विधायक ने एएनएम, जीएनएम, पैरामेडिकल और फार्मेसी कोर्स की परीक्षाओं में हो रही देरी को लेकर सरकार से जवाब मांगा। विधायक ने सवाल उठाते हुए कहा कि शैक्षणिक सत्र 2023-24 और 2024-25 की परीक्षाएं समय पर आयोजित नहीं हो सकीं, जिससे छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है।
विधायक ने अपने प्रश्न में कहा कि परीक्षाओं में देरी का मुख्य कारण पटना हाई कोर्ट द्वारा जारी आदेश बताया गया था। हालांकि अब कोर्ट की ओर से स्पष्ट निर्देश जारी कर दिए गए हैं और आदेश में कहीं भी यह नहीं कहा गया है कि नामांकन नहीं लिया जा सकता या परीक्षाएं आयोजित नहीं करवाई जा सकती हैं। ऐसे में सरकार द्वारा अब तक परीक्षा आयोजित नहीं करवाना छात्रों के साथ अन्याय है। विधायक ने सरकार से इस संबंध में स्पष्ट जवाब देने की मांग की।
इस सवाल पर जवाब देते हुए स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने सदन को आश्वस्त किया कि सरकार छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर है और सदन के सदस्य की चिंता पूरी तरह जायज है। मंत्री ने बताया कि उन्होंने अपने लिखित जवाब में यह स्पष्ट कर दिया है कि शैक्षणिक सत्र 2023-24 की परीक्षाएं मार्च और अप्रैल महीने में आयोजित करवाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि विभाग ने परीक्षा प्रक्रिया को जल्द पूरा करने के लिए आवश्यक तैयारियां शुरू कर दी हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने आगे बताया कि 2023-24 सत्र की परीक्षा संपन्न होने के बाद 2024-25 सत्र की परीक्षा भी जल्द आयोजित की जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि आगे से परीक्षाएं नियमित समय पर आयोजित हों ताकि छात्रों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके लिए संबंधित विश्वविद्यालय और संस्थानों को भी आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
मंत्री ने यह भी कहा कि विभाग परीक्षा प्रणाली को व्यवस्थित करने के लिए लगातार निगरानी कर रहा है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि छात्रों का शैक्षणिक सत्र प्रभावित नहीं होने दिया जाएगा और परीक्षा कार्यक्रम को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। सरकार इस दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही है ताकि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े इन महत्वपूर्ण कोर्सों के छात्रों को समय पर डिग्री मिल सके और वे रोजगार के अवसरों से वंचित न रहें।
सदन में इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान कई सदस्यों ने भी छात्रों के भविष्य को लेकर चिंता व्यक्त की और परीक्षा प्रक्रिया को जल्द पूरा करने की मांग की। सरकार की ओर से दिए गए आश्वासन के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि लंबे समय से लंबित परीक्षाएं जल्द आयोजित होंगी और हजारों छात्रों को राहत मिलेगी।