ब्रेकिंग न्यूज़

मुजफ्फरपुर में निजी अस्पताल की लापरवाही से प्रसूता की मौत, परिजनों ने किया हंगामा जमुई में प्रेमी जोड़े ने मंदिर में रचाई शादी, वीडियो वायरल कर मांगी सुरक्षा पिता बनने के अफवाह पर तेजप्रताप ने दी सफाई, कहा..मेरी एक ही गो बेटी है, उसका नाम कात्यायनी है तेजप्रताप ने जयचंदों के नाम का किया खुलासा, पिता बनने की अफवाहों को झूठा बताया, कहा..मिस्टर रौशन मेरी हत्या करवाना चाहता है BIHAR: बारात में हंगामा करने पर युवक को पेड़ में बांधकर पीटा, सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल कुमार प्रबोध का ब्लॉग: पप्पू यादव खुद के लिए कब खड़े होंगे? भीड़ और भरोसे का फर्क समझना ही होगा अरवल में भीषण सड़क हादसा: शिव चर्चा से लौट रहे श्रद्धालुओं का ऑटो ट्रक से टकराया, दो महिलाओं की मौत बिहार में बढ़ते अपराध को लेकर तेजस्वी यादव ने NDA सरकार को घेरा, कहा..अपराधियों और सत्ताधारी नेताओं के गठबंधन में पीस रही जनता मुजफ्फरपुर में राइफल क्लब का उद्घाटन: युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय निशानेबाजी के अवसर समस्तीपुर में कोचिंग टीचर की गोली मारकर हत्या, घटना से गुस्साए लोगों ने किया सड़क जाम हंगामा

अनिरुद्धाचार्य महाराज की कथा के दौरान लाठीचार्ज, भगदड़ जैसा माहौल

भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लगाए गए लोहे के गेट को भक्तों ने दबाव के कारण उखाड़ दिया। कई श्रद्धालु अनिरुद्धाचार्य महाराज के साथ उसी प्रवेश द्वार से अंदर जाने का प्रयास करने लगे, जिससे हालात और बिगड़ गए।

बिहार न्यूज

08-Feb-2026 10:04 PM

By First Bihar

BIHAR: रक्सौल एयरपोर्ट परिसर में आयोजित अनिरुद्धाचार्य महाराज की श्रीमद्भागवत कथा के दौरान भारी भीड़ उमड़ने से स्थिति बेकाबू हो गई। यह घटना उस समय हुई जब अनिरुद्धाचार्य महाराज कथा स्थल में प्रवेश कर रहे थे। उनके आगमन के दौरान प्रवेश द्वार पर भक्तों की संख्या अचानक बढ़ गई।


भीड़ को नियंत्रित करने के लिए लगाए गए लोहे के गेट को भक्तों ने दबाव के कारण उखाड़ दिया। कई श्रद्धालु अनिरुद्धाचार्य महाराज के साथ उसी प्रवेश द्वार से अंदर जाने का प्रयास करने लगे, जिससे हालात और बिगड़ गए। बढ़ती भीड़ को काबू में करने के लिए मौके पर तैनात सुरक्षा बलों को लाठीचार्ज करना पड़ा।


लाठीचार्ज के दौरान भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। इस अफरा-तफरी में दो-तीन महिलाएं गिर गईं, जिन्हें हल्की चोटें आईं। वहीं भीड़ में दो बच्चे अपनी मां से बिछड़ गए। बच्चों के गुम हो जाने पर उनकी मां भीड़ में चीखती-चिल्लाती नजर आई।कथा पंडाल के अंदर भी स्थिति बेहद अव्यवस्थित रही। भीड़ इतनी अधिक थी कि कई श्रद्धालु पास में खड़े ट्रकों पर चढ़कर कथा सुनते हुए दिखाई दिए। भीड़ के अनुपात में प्रशासनिक तैयारी और आयोजन प्रबंधन नाकाफी नजर आया।