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पाकिस्तान के खिलाफ संघर्ष के दौरान अबतक बिहार के 4 जवान शहीद, इम्तियाज-रामबाबू, सौरभ के बाद मनीष ने दी शहादत

मिली जानकारी के अनुसार शहीद मनीष आर्मी नर्सिंग असिस्टेंट के पोस्ट पर कार्यरत थे। लेकिन भारत और पाकिस्तान के तनाव के बीच उसकी ड्यूटी जम्मू-कश्मीर की सीमा पर लगी थी। सेना के कर्नल ने शहीद के पिता को इस बात की जानकारी दी।

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14-May-2025 05:54 PM

By First Bihar

NAWADA: पाकिस्तान के खिलाफ संघर्ष के दौरान अबतक बिहार के चार जवान शहीद हो चुके है। जम्मू-कश्मीर के आरएस पुरा सेक्टर में पाकिस्तान की गोलीबारी के दौरान BSF के सब इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज शहीद हो गए। वो छपरा के रहने वाले थे। वही सीवान के रहने वाले आर्मी जवान रामबाबू सिंह ने सीमा की सुरक्षा करते शहीद हो गये। जबकि छत्तीसगढ़ में पोस्टेड जहानाबाद के रहने वाले सौरभ भी शहीद हो गये हैं। बीमारी के कारण सौरभ की मौत की बात कही जा रही है। देश के लिए अपनी जान गंवाने वालों में बिहार के एक और लाल का नाम शामिल हो गया। जो नवादा के कोआकोल के रहने वाले आर्मी जवान मनीष कुमार हैं। 


इनकी ड्यूटी जम्मू-कश्मीर की सीमा पर लगी थी। शहीद के पिता को सेना के कर्नल ने बेटे की शहादत की जानकारी दी। जिसके बाद परिजनों के बीच कोहराम मचा हुआ है। शहीद मनीष कुमार के पार्थिव शरीर को कल गुरुवार 15 मई को नवादा स्थित उनके पैतृक गांव में लाया जाएगा।


मिली जानकारी के अनुसार शहीद मनीष आर्मी नर्सिंग असिस्टेंट के पोस्ट पर कार्यरत थे। लेकिन भारत और पाकिस्तान के तनाव के बीच उसकी ड्यूटी जम्मू-कश्मीर की सीमा पर लगी थी। सेना के कर्नल ने शहीद के पिता को इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं आई है। यह रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। 


नवादा के रहने वाले मनीष की शादी दो महीने पहले पांडेय गंगौट गांव में धूमधाम के साथ हुई थी। शादी के बाद वो ड्यूटी पर लद्दाख चले गए थे। मनीष की मौत की खबर मिलते ही परिजनों के बीच कोहराम मच गया। पूरा गांव सदमे में डूब गया। मृतक की पत्नी और परिवारवालों का रो-रोकर बुरा हाल है। 


बता दें कि जम्मू-कश्मीर के आरएस पुरा सेक्टर में पाकिस्तान की गोलीबारी के दौरान बीएसएफ के सब इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज शहीद हो गए थे। मोहम्मद इम्तियाज बिहार के छपरा के रहने वाले थे। सीमा की सुरक्षा करते हुए अपनी जान गंवा दी। वही सीवान के रहने वाले आर्मी जवान रामबाबू सिंह भी सीमा की सुरक्षा करते और दुश्मनों से लोहा लेते हुए शहीद हो गए। वही शहीद सौरभ छत्तीसगढ़ में पोस्टेड थे,जो बिहार के जहानाबाद के रहने वाले थे। बीमारी के कारण उनका निधन हो गया था। जिसकी खबर सुनते ही तेजस्वी यादव बुधवार को शहीद के पैतृक गांव लोदीपुर पहुंचे। जहां उन्होंने उनके परिजनों से मुलाकात कर हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। 


वही छपरा के लाल शहीद मो. इम्तियाज को श्रद्धांजलि देने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उनके घर पहुंचे थे और परिजनों से मिलकर सांत्वना देते हुए उन्हें  आर्थिक मदद के तौर पर 50 लाख रुपए और शहीद के बेटे को सरकारी नौकरी समेत अन्य सुविधाएं देने का ऐलान किया। तेजस्वी यादव भी शहीद इम्तियाज के परिजनों से मिलने पहुंचे थे, इस दौरान उन्होंने भी हर संभव मदद का भरोसा परिजनों को दिलाया। 


जबकि सीवान के रहने वाले रामबाबू आर्मी के ऑपरेटर थे। उनके पिता रामविचार सिंह हरिहरपुर पंचायत के पूर्व उप मुखिया रह चुके हैं। रामबाबू की शादी पिछले साल दिसंबर 2024 धनबाद में धूमधाम से हुई थी। शादी के बाद वे होली में घर आए हुए थे। जिसके उनके ससुर सुभाष चंद्र शर्मा, बेटी और दामाद को अपने साथ धनबाद अपने घर लेकर चले गए थे। 10 अप्रैल को छुट्टी समाप्त होने के बाद रामबाबू जम्मू-कश्मीर में अपनी ड्यूटी पर लौट गए थे। तभी भारत और पाकिस्तान तनाव के बीच उनके शहादत की सूचना आई। जिसके बाद उनके पार्थिव शरीर को सीवान लाया गया। लोगों ने नम आंखों से बिहार के लाल को अंतिम विदाई दी।