lockdown news India : क्या फिर लगेगा लॉकडाउन? तेल संकट से भारत में मची हलचल; सरकार का आया जवाब; जानिए क्या है सच्चाई रामनवमी पर आया बड़ा अपडेट: इस दिन दिखेगी ‘रामायण’ की दूसरी झलक, आ गई रिलीज़ डेट Bihar News : रामनवमी पर बड़ा हादसा, गंगा में नहाने गए परिवार पर टूटा कहर; बच्ची की मौत Bihar News: छुट्टी पर आए CRPF जवान की पटना में मौत, इलाज के दौरान तोड़ा दम, परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ गेमिंग ऐप के जरिए करोड़ों की ठगी का खुलासा: 5 साइबर अपराधी गिरफ्तार, दुबई-नेपाल तक फैला नेटवर्क महानवमी के दिन मातम में बदली खुशियां: भाई को बचाने उतरीं दो बहनें भी डूबीं, छपरा में 3 बच्चों की दर्दनाक मौत PM Modi : ईरान संकट पर पीएम मोदी की बड़ी बैठक, आज शाम 6 बजे CM नीतीश कुमार होंगे शामिल Bihar Bank Loot : मधेपुरा में दिनदहाड़े सेंट्रल बैंक में लूट, CCTV बंद होने से साजिश की आशंका; इलाके में मचा हडकंप petrol price today : पेट्रोल-डीजल पर बड़ी राहत! एक्साइज ड्यूटी में भारी कटौती, फिर भी क्यों नहीं घटे दाम? PAN और Aadhaar में नाम अलग है? 1 अप्रैल के बाद हो सकती है बड़ी परेशानी—तुरंत करें अपडेट वरना बंद हो सकता है आपका PAN!
28-Feb-2025 08:23 AM
By First Bihar
बिहार के भागलपुर जिले के पीरपैंती में 21,400 करोड़ रुपये की लागत से 2400 मेगावाट (800×3) क्षमता का ग्रीन फील्ड थर्मल पावर प्लांट लगाया जाएगा। यह बिहार में किसी भी निजी क्षेत्र द्वारा किया जाने वाला सबसे बड़ा निवेश होगा। इस पावर प्लांट के निर्माण से राज्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में काफी मदद मिलेगी और बिहार की दूसरे राज्यों पर निर्भरता कम होगी। इस मेगा प्रोजेक्ट से न सिर्फ घरेलू उपभोक्ताओं को सस्ती बिजली मिलेगी, बल्कि इसका सीधा फायदा बिहार के उद्योगों को भी होगा। बिजली की दरें कम होने से औद्योगीकरण को बढ़ावा मिलेगा और निवेशकों को आकर्षित करने में भी मदद मिलेगी। बिहार सरकार इस प्रोजेक्ट को राज्य की ऊर्जा सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम मान रही है।
मुख्य सचिव अमृत लाल मीना ने इस ऐतिहासिक फैसले की पुष्टि करते हुए कहा कि ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने यह बड़ा कदम उठाया है। प्रोजेक्ट के लिए कोयला पहले ही आवंटित किया जा चुका है। साथ ही केंद्र सरकार के ऊर्जा मंत्रालय ने टैरिफ नीति 2016 के तहत इस परियोजना की निविदा प्रक्रिया को मंजूरी दे दी है। ऊर्जा विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल के अनुसार, इस परियोजना के लिए बिहार राज्य विद्युत उत्पादन कंपनी को नोडल एजेंसी बनाया गया है। परियोजना के लिए 1020.60 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जा चुका है। पहले यहां सौर ऊर्जा परियोजना प्रस्तावित थी, लेकिन तकनीकी सर्वेक्षण के बाद कोयला स्रोत से निकटता और भूमि की स्थिति को देखते हुए थर्मल पावर प्लांट लगाने का निर्णय लिया गया।
इस पावर प्लांट के निर्माण से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। निर्माण कार्य के दौरान बड़ी संख्या में इंजीनियरों, मजदूरों और अन्य तकनीकी कर्मचारियों की जरूरत होगी। इसके अलावा पावर प्लांट के संचालन से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। इसे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ऊर्जा नीति का महत्वपूर्ण परिणाम माना जा रहा है। इस योजना पर काम शुरू होते ही बिहार निवेशकों के लिए और अधिक आकर्षक हो जाएगा। ऊर्जा मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में बिहार में व्यवसाय के अनुकूल माहौल बना है और यह परियोजना राज्य के औद्योगिक विकास में मील का पत्थर साबित होगी।
फिलहाल बिहार अपनी बिजली जरूरतों के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भर है और राज्य को बाहर से बिजली खरीदनी पड़ती है। इस परियोजना के पूरा होने से बिहार की बिजली खरीदने की निर्भरता कम होगी और बिजली उत्पादन की लागत भी घटेगी। इससे न सिर्फ घरेलू उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, बल्कि उद्योगों को भी सस्ती बिजली मिलेगी, जिससे औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मिलेगा। इस पावर प्लांट के बाद राज्य में ऊर्जा आधारित अन्य परियोजनाओं के आने की संभावनाएं भी बढ़ेंगी। सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में बिहार को ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना और राज्य के नागरिकों को सस्ती और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करना है।