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23-Feb-2026 07:29 AM
By First Bihar
Bihar Police News : बिहार पुलिस सप्ताह 2026 का आगाज इस बार केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि नई सोच, आधुनिक तकनीक और पुलिसकर्मियों के कल्याण की ठोस योजनाओं के साथ हुआ। उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने ‘मिथलेश अकादमी’ में इस विशेष सप्ताह का उद्घाटन करते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं, जिनका उद्देश्य पुलिस बल को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना और पुलिसकर्मियों के परिवारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
कार्यक्रम में गृह मंत्री ने कहा कि पुलिस सप्ताह केवल उत्सव नहीं, बल्कि जनता और पुलिस के बीच विश्वास मजबूत करने का अवसर है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने में पुलिस की भूमिका बेहद अहम है और सरकार पुलिस बल को आधुनिक संसाधनों से लैस करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में राज्य सरकार पुलिस व्यवस्था को तकनीकी रूप से मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है।
‘पुलिस दीदी’ और AI से स्मार्ट पुलिसिंग
इस बार पुलिस सप्ताह की सबसे खास घोषणा रही आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग। बिहार पुलिस अब अपराध अनुसंधान और विशेषकर साइबर अपराध की रोकथाम में AI तकनीक का सहारा लेगी। गृह मंत्री के अनुसार, साइबर अपराध आज की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है। इसे देखते हुए पुलिस अधिकारियों को आधुनिक सॉफ्टवेयर और एआई आधारित विश्लेषण प्रणाली से लैस किया जाएगा। साथ ही, अधिकारियों को अन्य राज्यों में भेजकर नई तकनीकों का प्रशिक्षण दिलाने के निर्देश दिए गए हैं।
महिला सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए ‘पुलिस दीदी’ पहल की शुरुआत भी की जा रही है। इस पहल का उद्देश्य महिलाओं के मन से पुलिस का डर दूर करना और उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिलाना है। यह विशेष विंग महिलाओं से जुड़े संवेदनशील मामलों में सहायता करेगी और स्कूल-कॉलेजों में जागरूकता कार्यक्रम भी चलाएगी।
पुलिसकर्मियों के बच्चों के लिए हाई स्कूल
पुलिसकर्मियों के कल्याण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए गृह मंत्री ने घोषणा की कि राज्य की प्रत्येक पुलिस लाइन में अत्याधुनिक हाई स्कूल स्थापित किए जाएंगे। उनका कहना था कि पुलिसकर्मी दिन-रात जनता की सेवा में लगे रहते हैं, ऐसे में उनके बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी भी सरकार को उठानी चाहिए। इस पहल से पुलिस परिवारों को शिक्षा के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा घर के पास ही उपलब्ध होगी।
इसके साथ ही पुलिस लाइनों में ‘जीविका दीदी की रसोई’ शुरू करने की भी घोषणा की गई। इससे पुलिसकर्मियों को पौष्टिक और स्वच्छ भोजन मिलेगा, वहीं स्थानीय महिलाओं को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। लंबे समय से लंबित पड़े पुलिस लाइन भवनों के निर्माण कार्य को भी तय समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पुलिस बल को बेहतर आवास और कार्य वातावरण मिल सके।
नक्सल मुक्त बिहार, अब साइबर अपराध पर फोकस
गृह मंत्री ने कहा कि राज्य अब नक्सलवाद की समस्या से काफी हद तक मुक्त हो चुका है। अब सबसे बड़ी चुनौती साइबर अपराध है, जिस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि अन्य राज्यों के सफल मॉडल का अध्ययन कर बिहार में भी प्रभावी रणनीति लागू की जाए।
एडीजी कमल किशोर सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि पुलिस सप्ताह के दौरान सीमावर्ती क्षेत्रों में ‘वायब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ चलाया जाएगा। नेपाल सीमा से सटे गांवों में एसएसबी के सहयोग से विशेष जागरूकता अभियान शुरू किया जाएगा, जिससे सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा और सामुदायिक तालमेल मजबूत हो सके। 27 फरवरी को ‘पुलिस दिवस’ के अवसर पर प्रत्येक जिले में सामुदायिक संवाद कार्यक्रम आयोजित होंगे।कुल मिलाकर, बिहार पुलिस सप्ताह 2026 सेवा, समर्पण और तकनीकी सशक्तिकरण की नई दिशा का संकेत देता है, जो आने वाले समय में राज्य की कानून-व्यवस्था को और मजबूत बनाएगा।