किशनगंज SDPO की ‘भ्रष्ट लीला’: पत्नी और गर्लफ्रेंड ही नहीं नौकरानी को भी बना दिया ‘रानी’, 35 लाख की THAR से काम पर आती थी करोड़पति पारो किशनगंज SDPO की ‘भ्रष्ट लीला’: पत्नी और गर्लफ्रेंड ही नहीं नौकरानी को भी बना दिया ‘रानी’, 35 लाख की THAR से काम पर आती थी करोड़पति पारो बिहार पुलिस की कस्टडी में युवक की संदिग्ध मौत पर बवाल, थाने में बेरहमी से मारपीट का आरोप Bihar News : राजगीर-पटना स्पेशल ट्रेन अब बनेगी रेगुलर, यात्रियों को बड़ी राहत – पर्यटन को भी मिलेगा बूस्ट ‘देश को ‘इस्लामिक भारत’ बनाना चाहते हैं कुछ मुस्लिम संगठन’, UCC को लेकर AIMPLB के विरोध पर बरसे गिरिराज सिंह BRABU के 70 सहायक प्राध्यापक की नौकरी पर संकट, कई रसूखदारों के संबंधी भी जांच के घेरे में; क्या है वजह? BRABU के 70 सहायक प्राध्यापक की नौकरी पर संकट, कई रसूखदारों के संबंधी भी जांच के घेरे में; क्या है वजह? Bihar School News : बिहार में प्राइवेट स्कूल खोलना होगा आसान! नीतीश सरकार की नई नीति से इन लोगों को बड़ी राहत; ऐसे मिलेगा लाभ Bihar Accident : बैरिकेडिंग बनी मौत का जाल! BCA छात्र की दर्दनाक मौत, सड़क पर बवाल Bihar School News : बिहार में बच्चों की कमजोर पढ़ाई पर बड़ा एक्शन! अब हर शनिवार टीचर्स करेंगे मंथन, जानिए क्या बदलेगा
29-Jun-2025 12:29 PM
By First Bihar
Bihar News: बिहार सरकार ने सरकारी स्कूलों को शिक्षा के साथ-साथ हरियाली और बागवानी का केंद्र बनाने की भी पहल अब शुरू कर दी है। ACS सिद्धार्थ के निर्देश पर 824 स्कूलों में मानसून के दौरान पौधारोपण शुरू किया जाएगा। शिक्षकों और छात्रों को पौधों की देखभाल की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि स्कूल परिसर हरे-भरे रहें और बच्चों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी बढ़े।
इस योजना के तहत स्कूलों में छोटे-बड़े पौधे लगाए जाएंगे। जहां अधिक जगह होगी, वहां जमीन में पौधे रोपे जाएंगे और कम जगह वाले स्कूलों में गमलों का उपयोग होगा। जिला शिक्षा कार्यालय ने पहले चरण में 824 स्कूलों की मैपिंग पूरी कर ली है और प्रत्येक स्कूल को बागवानी उपकरण जैसे कुदाल, खुरपी, पाइप और कटीला तार खरीदने के लिए 5,000 रुपये आवंटित किए गए हैं।
इस दौरान छात्रों को पौधों की देखभाल के साथ-साथ बागवानी की बारीकियां भी सिखाई जाएंगी। शिक्षक उन्हें पौधों की देखभाल, पानी देने और मिट्टी प्रबंधन के तरीके बताएंगे। इससे बच्चों में जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी और वे प्रकृति से जुड़ेंगे। यह पहल न केवल स्कूलों की सौंदर्यता बढ़ाएगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय स्तर पर हरियाली को काफी बढ़ावा देगी।
मानसून 2025 के साथ इस योजना का क्रियान्वयन शुरू हो चुका है। इस फैसले से शिक्षा विभाग का लक्ष्य स्कूलों को पर्यावरण-अनुकूल बनाना और बच्चों में पर्यावरण संरक्षण की भावना पैदा करना है। यह कदम बिहार के सरकारी स्कूलों में शिक्षा के साथ सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारी को जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।