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15-Sep-2025 02:54 PM
By First Bihar
Bihar News: बिहार सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए राज्य के 25,000 मध्य विद्यालयों में दो-दो स्मार्ट क्लासरूम बनाने का फैसला लिया गया है, जिससे कुल 50,000 स्मार्ट क्लासरूम तैयार होंगे। यह योजना बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के तहत चलेगी और टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद काम अक्टूबर से शुरू हो जाएगा। हाल ही में रेलटेल कॉर्पोरेशन को मिडिल स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम लगाने के लिए 2,621 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है और यह काम मार्च 2026 तक पूरा होगा। इससे ग्रामीण इलाकों के बच्चे भी डिजिटल शिक्षा से जुड़ सकेंगे और कक्षा 6 से 8 तक के छात्रों को कंप्यूटर लैब व स्मार्ट बोर्ड की सुविधा मिलेगी।
जिले स्तर पर इस योजना से 200 से ज्यादा मध्य विद्यालय लाभान्वित होंगे। हर स्मार्ट क्लासरूम में दो डिजिटल टीवी, कंप्यूटर सिस्टम और अन्य जरूरी उपकरण लगाए जाएंगे। एजेंसी को तीन साल की अतिरिक्त वारंटी और दो साल की स्टैंडर्ड वारंटी देनी होगी। वित्त विभाग ने जून में ही 31,297 मिडिल स्कूलों के लिए स्मार्ट क्लासरूम की मंजूरी दी थी। इससे शिक्षकों को पावरपॉइंट जैसी तकनीक से पढ़ाना आसान होगा और बच्चों में पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ेगी। हाल ही में ई-शिक्षाकोष के तहत प्रधानाध्यापकों से जरूरतों की जानकारी भी मांगी गई, जिसमें 569 मिडिल स्कूलों ने स्मार्ट क्लास की मांग की थी।
शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए यह कदम बड़ा अहम है। डिजिटल उपकरणों से छात्र तकनीक से परिचित होंगे और समय की काफी बचत होगी। वर्तमान में बिहार के 96 मिडिल स्कूलों में स्मार्ट क्लास हैं, जबकि 285 हाई स्कूलों में उन्नयन स्मार्ट क्लास उपलब्ध हैं। जबकि पूरे देश में सरकारी स्कूलों में सिर्फ 35% में स्मार्ट क्लास हैं और बिहार इसमें काफी पिछड़ रहा है (केवल 19.6%)। अगले चरण में 40,566 प्राइमरी स्कूलों को कवर किया जाएगा ताकि सभी 71,863 सरकारी स्कूल डिजिटल हो सकें। बच्चों को यह सुविधा दिसंबर से धीरे-धीरे मिलनी शुरू हो जाएगी।