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Prashant Kishor: प्रशांत किशोर ने भाड़े पर लड़के-लड़कियों को जुटाय़ा..! भाजपा बोली- PK की खुल गई पोल..

Prashant Kishor: प्रशांत किशोर 2 जनवरी से गांधी मैदान स्थित गांधी मूर्ति के समक्ष भूख-हड़ताल पर बैठे हैं. पीके के आंदोलन पर एक बड़ा खुलासा हुआ है. दावा किया जा रहा है कि धरने पर बैठे लोग बीपीएससी परीक्षार्थी नहीं हैं.

Prashant Kishor:
PK का धरना
© Self
Viveka Nand
3 मिनट

Prashant Kishor: पटना के गांधी मैदान में गांधी मूर्ति के नीचे जनसुराज के सूत्रधार प्रशांत किशोर बीपीएससी अभ्यर्थियों के समर्थन में आमरण अनशन पर बैठे हैं. पीके ने बीती रात गांधी मैदान में ही बिताई. हालांकि पटना जिला प्रशासन ने धरने को अवैध करार देते हुए मुकदमा दर्ज कर लिया है. बीपीएससी परीक्षा रद्द करने को लेकर आयोजित भूख -हड़ताल में बड़ी संख्या में बाहरी लोग भी शामिल हैं. बताया जा रहा है कि भीड़ इकट्ठा करने को लेकर बाहरी लोगों को बुलाया गया. अब इसके बाद सत्ताधारी दल के नेता प्रशांत किशोर पर टूट पड़े हैं. निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने भी पीके पर बड़ा प्रहार किया है.

भाड़े के लड़के-लड़कियों के सहारे आंदोलन पर बैठे हैं पीके 

भाजपा ने प्रशांत किशोर पर बड़ा हमला बोला है. भारतीय जनता पार्टी OBC मोर्चा के राष्ट्रीय महासचिव निखिल आनंद ने पीके पर बड़ा प्रहार किया है. उन्होंने कहा कि पेशे से प्रशांत किशोर एक इवेंट मैनेजर और मीडिया मैनेजर ही हैं, अब वे नेता बनने चले हैं. जब पीके बीपीएससी छात्रों के समर्थन में धरने पर बैठने गये तो वे भाड़े के लड़के-लड़कियों की फौज के साथ वहां मौजूद हुए. लेकिन राज तो खुलना ही था। पीके ने मौके पर जिन लोगों को इकट्ठा किया था, वे दरअसल बीपीएससी के परीक्षार्थी ही नहीं थे। उनका एक ही मकसद है, राजनीति में चमकने के लिए बिहार की जनता को बेवकूफ बनाना है. 

बता दें, प्रशांत किशोर ने 70वीं BPSC परीक्षा में हुई अनियमितता और भ्रष्टाचार की उच्चस्तरीय जांच और दोबारा परीक्षा कराने की मांग की है. इसके अलावे 2015 में 7 निश्चय के तहत किए वादे के अनुसार 18 से 35 साल के हर बेरोजगार युवा को बेरोजगारी भत्ता देने, पिछले 10 वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं और पेपर लीक की जांच एवं दोषियों पर की गई कार्रवाई पर श्वेत पत्र जारी करने, लोकतंत्र की जननी बिहार को लाठीतंत्र बनाने वाले दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने और बिहार की सरकारी नौकरियों में बिहार के युवाओं की कम से कम दो तिहाई हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के लिए डोमिसाइल नीति लागू की जाए. इन मांगों को लेकर पीके 2 जनवरी शाम से भूख-हड़ताल पर हैं. 

रिपोर्टिंग
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रिपोर्टर

Viveka Nand

FirstBihar संवाददाता