PATNA: पटना हाईकोर्ट ने पटना में बढ़ते प्रदूषण और घटते भू जलस्तर को लेकर राज्य सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से विस्तृत जवाब मांगा है. इस मामले पर टिप्पणी करते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि पटना देश के सबसे प्रदूषित शहरों में से एक है. शहर का भू जलस्तर हरेक साल नीचे गिरता जा रहा लेकिन इसकी चिंता किसी को नहीं है.
न्यायमूर्ति शिवाजी पांडेय और न्यायमूर्ति पार्थ सारथी की खंडपीठ ने डॉ रेणु कुमारी की लोकहित याचिका पर सुनवाई करने के दौरान यह टिप्पणी की. आवेदक के वकील ने बताया कि डीज़ल वाहनों, खासकर जो अधिक पुरानी हो चुकी है उसे शहर में चलाए जाने से रोका जाना चाहिए. उसकी जगह सीएनजी और इलेक्ट्रिक से चलने वाले वाहनों को प्रमोट किया जाना चाहिए. अदालत को जानकारी दी गई शहर में सीएनजी के केवल दो ही प्लांट लगाए गए हैं. इससे कुछ नहीं होने वाला है.
अदालत ने स्वीकार किया कि पटना शहर कंक्रीट शहर के रूप में विकसित हो रहा है. सरकार को इसकी चिंता करनी चाहिए. अधिक से अधिक पेड़ लगाये जाने चाहिए. लेकिन उल्टा हो रहा है. हरे भरे पेड़ काटे जा रहे हैं. खंडपीठ राज्य सरकार से प्रदूषण को कम करने के उपायों के बारे में जानकारी देने को कहा, साथ ही इसके कम करने के उपाय के बारे में भी जानकारी मांगी. अब इस मामले की सुनवाई तीन हफ्ते बाद की जाएगी.
पटना में बढ़ते प्रदूषण और घटते भू जलस्तर पर पटना हाईकोर्ट ने जताई चिंता, राज्य सरकार से मांगा जवाब
PATNA: पटना हाईकोर्ट ने पटना में बढ़ते प्रदूषण और घटते भू जलस्तर को लेकर राज्य सरकार और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से विस्तृत जवाब मांगा है. इस मामले पर टिप्पणी करते हुए हाईकोर्ट ने कहा क

