DESK: मोदी सरकार-2 की ओर से आर्थिक सर्वे रिपोर्ट पेश किया गया. राज्यभा और लोकसभा में पेश किए गए सर्वे रिपोर्ट में 2019-20 में जीडीपी ग्रोथ दर 7 फीसदी तक रहने की बात कही गयी है.
आर्थिक सर्वे रिपोर्ट में कहा गया है कि अगर भारत को 2025 तक 5 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था वाला देश बनना है तो लगातार जीडीपी में 8 फीसदी ग्रोथ रेट की गति को बनाए रखना होगा. जनवरी से मार्च तिमाही में जीडीपी ग्रोथ में गिरावट पर आर्थिक सर्वे में कहा गया है कि चुनाव संबंधी अनिश्चितता की वजह से ग्रोथ रेट में कमी आयी थी. इसके अलावा कम ग्रोथ होने की एक वजह एनबीएफसी संकट को सरकार ने बताया. बता दे कि मार्च तिमाही में जीडीपी ग्रोथ रेट सिर्फ 5.8 फीसदी थी.
वित्तिय वर्ष 2018-19 में पैदावार कम होने के पीछे सर्वे रिपोर्ट में आशंका जतायी गयी है कि शाय़द खाद् वस्तुओ के दाम कम होने के कारण किसानों ने पैदावार कम किया हैं. लेकिन 2018 की दूसरी छमाही से ही ग्रामीण क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था में बढ़त आनी शुरू हो गई है.
आर्थिक सर्वे रिपोर्ट में कहा गया है कि लगातार एनपीए में कमी आ रही है, जिससे अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा. और स्थिर वृहद आर्थिक दशाओं की वजह से इस वर्ष देश की इकॉनोमी स्थिर रहेगी. लेकन यह भी संकेत दिए दिए गए है कि अगर ग्रोथ रेट में गिरावट आती है तो राजस्व संग्रह कम हो सकता है.
मोदी सरकार-2 का आर्थिक सर्वे रिपोर्ट पेश, 5 ट्रिलियन की अर्थवयस्था के लिए 8 फीसदी रखना होगा ग्रोथ रेट
DESK: मोदी सरकार-2 की ओर से आर्थिक सर्वे रिपोर्ट पेश किया गया. राज्यभा और लोकसभा में पेश किए गए सर्वे रिपोर्ट में 2019-20 में जीडीपी ग्रोथ दर 7 फीसदी तक रहने की बात कही गयी है. आर्थि

