PATNA : भोजपुरी गानों में अश्लीलता पर रोक लगाने के लिए हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. अश्लील गानों पर रोक लगाने के लिए दायर की गई जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने बड़ा निर्देश दिया है. न्यायालय ने इस प्रकार के मामले को डीएम और एसएसपी के सामने रखने का निर्देश दिया है. जस्टिस एस पांडेय की खंडपीठ ने की सुनवाई कर निर्देश दिया है कि जिलाधिकारी और सीनियर एसपी के पास इस प्रकार का मामला रखना है.
भोजपुरी गीतों में बढ़ती अश्लीलता के खिलाफ समय-समय पर आवाज उठती रहती है. कई साहित्यकार, रंगकर्मी, शिक्षाविद और समाजसेवी शिकायत और आलोचना करते रहे हैं. भोजपुरी गीतों में अश्लीलता को समाज के लिए चिंता बताया जा रहा है. अश्लील गीत गाने वाले गायक-गायिकाओं को समाज में बढ़ावा नहीं देने का अपील हमेशा होती रहती है.
भोजपुरी साहित्यकारों का कहना है कि अश्लीलता के कारण भोजपुरिया समाज की प्रतिष्ठा गिरी है. द्विअर्थी गीतों का प्रचलन पहले से है मगर अब अश्लील शब्दों का प्रयोग फेमस बनने के लिए किया जाता है. भोजपुरिया संस्कृति को समाप्त होने से बचाने के लिए लोगों उठती रहती है कि अश्लील गीतों को रोकने के लिए सेंसर बोर्ड भी होना चाहिए.
भोजपुरी में अश्लील गानों पर हाईकोर्ट में सुनवाई, कोर्ट ने मामले को पहले SSP और DM के पास रखने का दिया निर्देश
PATNA : भोजपुरी गानों में अश्लीलता पर रोक लगाने के लिए हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. अश्लील गानों पर रोक लगाने के लिए दायर की गई जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने बड़ा निर्देश दिया ह

