मांझी ने बता दी बिहार में सियासी खेल की तारीख, खोल दिया राज्यपाल से नीतीश की मुलाकात का राज

मांझी ने बता दी बिहार में सियासी खेल की तारीख, खोल दिया राज्यपाल से नीतीश की मुलाकात का राज

PATNA: पूर्व सीएम जीतन राम मांझी लगातार इस बात का दावा कर रहे हैं कि बिहार में बड़ा सियासी खेल होने जा रहा है।अब उन्होंने बिहार में होने वाले सियासी खेत की तारीख भी बता दी है। इसके साथ ही साथ बिहार में चल रहे सियासी गहमागहमी के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का अपने खास मंत्री के साथ राजभवन जाकर राज्यपाल से मुलाकात का राज भी खोल दिया है। मांझी ने कहा है कि राज्यपाल और मुख्यमंत्री की मुलाकात उसी खेल का हिस्सा है।


पूर्व सीएम जीतन राम मांझी ने कहा है कि वे पहले भी कह चुके हैं कि 20 जनवरी से लेकर 25 जनवरी के बीच में बिहार में कोई खेला होना है। आगे देखना होगा कि कौन सा खेला होने जा रहा है। पहले आपको एनडीए के साथ भेज दिया गया और अब नीतीश कुमार भी जा रहे हैं, इस सवाल पर मांझी ने कहा कि नीतीश कुमार ने भेज नहीं दिया बल्कि सीधे कह दिया था कि हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा का जेडीयू में मर्ज कर दीजिए और नहीं तो बाहर जाइए। इसके पीछे अगर नीतीश कुमार की कोई कूटनीतिक चाल हो तो क्या कहा जा सकता है लेकिन अगर बीजेपी का शीर्ष नेतृत्व नीतीश कुमार को एनडीए में वापस बुलाते हैं तो उसका विरोध नहीं करेंगे।


वहीं जेडीयू आरजेडी के बीच चल रहे घमासान पर मांझी ने कहा कि आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद की सिर्फ एक ही ईच्छा है कि उनके बेटे तेजस्वी यादव किसी तरह से बिहार के मुख्यमंत्री बन जाएं और इसके लिए लालू प्रसाद को जो भी करना होगा वे करेंगे। दोनों के बीच इसको लेकर चर्चा होती रहती होगी। अगर 25 जनवरी तक कुछ उलट-पुलट हो जाता है तो सारी बातें सामने आ जाएगी। वहीं लालू तेजस्वी के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात पर मांझी ने कहा कि नीतीश कुमार लालू-तेजस्वी के दबाव से बचने की कोशिश कर रहे हैं और उसी दबाव को कम करने के लिए लालू और तेजस्वी ने नीतीश कुमार से जाकर मुलाकात की थी।


मांझी ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अचानक राजभवन जाकर राज्यपाल से मुलाकात की हैं। यह उसी तख्ता पलट का हिस्सा हो सकता है। चेन्नई एयरपोर्ट पर थे तभी जानकारी मिली कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यपाल से मिलने के लिए जा रहे हैं। ऐसे तो मुलाकातों का दौर चलता ही रहता है लेकिन हमलोग पहले से मानकर चल रहे थे कि 20 से 25 जनवरी के बीच हो सकता है कि किसी तरह का सियासी डेवलपमेंट हो। मुख्यमंत्री सिर्फ अपने करीबी मंत्री विजयचौधरी के साथ राज्यपाल से मिलने के लिए गए तो कहीं न कहीं राजनीतिक बातें हुई होंगी, क्या बातें हुई हैं इसको लेकर सिर्फ कयास ही लगाया जा सकता है।