कहीं साल न हो जाए बर्वाद : परीक्षा के लिए लगा दी बीच सड़क पर दर्जनों लड़कियों ने मैराथन दौड़, जानिए क्या है पूरा मामला

कहीं साल न हो जाए बर्वाद : परीक्षा के लिए लगा दी बीच सड़क पर दर्जनों लड़कियों ने मैराथन दौड़, जानिए क्या है पूरा मामला

KAMIUR : राज्य में इन दिनों मैट्रिक की परीक्षा बिहार बोर्ड के तरफ से ली जा रही है। इसको लेकर विधार्थियों में काफी उत्साह का माहौल है तो वहीं पहली बार बोर्ड परीक्षा में बैठने वाले स्टूडेंटों में थोड़ा चिंता भी है। इसी बीच अब एक ताजा मामला बिहार के कैमुर जिले से निकल कर सामने आ रहा है। जहां एक दो नहीं बल्कि दर्जनों लड़कियां अचानक से बीच सड़क पर दौड़ लगाना शुरू कर दिया। पहले तो इन लड़कियों को दौड़ते देख लोगों को यह लगा कि, कोई मैराथन की दौड़ चल रही  है।  लेकिन, जब एक लड़की से इसकी वजह पूछी गई तो मामला ही कुछ और निकला। 


दरअसल, राज्य में इन दिनों मैट्रिक की परीक्षा चल रही है। इस परीक्षा में लाखों की संख्या में स्टूडेंट शामिल हो रहे हैं। इस बार बोर्ड में परीक्षा में लेट एंट्री का समय बदल दिया है। इस बार लेट एंट्री का समय सुबह 9 बजे तय किया गया है। इसी को लेकर आज कैमूर में दर्जनों लड़कियों ने दौड़ लगाना शुरू कर दिया।  क्यूंकि शहर में लंबी जाम लगी हुई थी और इसी को लेकर ये लड़किया सड़क पर दौड़ लगाना शुरू कर दी। 


यह मामला कैमूर के मोहनियां का बताया जा रहा है। जहां  एन एच 2 पर भीषण जाम लगी हुई थी। परिजनों के साथ परीक्षा सेंटर पर जा रही छात्राएं भी जाम में फंस गई। कुछ देर इंतजार करने के बाद भी जब गाड़ियां आगे नहीं बढ़ी तो छात्राओं ने सड़क पर ही दौड़ना शुरू कर दिया। लगभग दो किलोमीटर की दौड़ पूरी कर छात्राएं परीक्षा सेंटर पर पहुंची।


इस दौरान किसी ने परीक्षा छूटने के डर से दौड़ती हुई छात्राओं का वीडियो कैमरे में कैद कर लिया जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि इस दौरान परीक्षा सेंटर पर किसी तरह छात्राएं पहुंच तो गई। लेकिन अगर ऐसी स्थिति जाम की बनी रही तो दूसरी पाली में परीक्षा देने आने वाली छात्राओं की परीक्षा छूट भी सकती है।


आपको बताते चलें कि, शहर में पिछले एक हफ्ते से भीषण जाम लग रहा है। जाम छुड़ाने के लिए स्थानीय पुलिस के साथ एनएचएआई की टीम भी लगी रहती है लेकिन सब बेअसर नजर आ रहा है। जबकि इस बार शहर में 11 परीक्षा केंद्रों पर मैट्रिक की परीक्षा इन दिनों चल रही है। परीक्षा केंद्रों पर समय निर्धारित है कि निर्धारित समय से लेट पहुंचने वाले छात्रों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।