इफ्तार के बाद बदल सकता है बिहार का सियासी समीकरण!, JDU ने चिराग को दिया महागठबंधन में आने का ऑफर

इफ्तार के बाद बदल सकता है बिहार का सियासी समीकरण!, JDU ने चिराग को दिया महागठबंधन में आने का ऑफर

PATNA: दावत-ए-इफ्तार में बिहार का सियासी समीकरण बनता और बिगड़ता रहा है। आरजेडी की इफ्तार पार्टी में पहुंचे लोजपा(रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान नीतीश के सामने नतमस्तक क्या हुए, जेडीयू की तरफ से उन्हें महागठबंधन में आने का ऑफर दे दिया गया। जेडीयू के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने चिराग पासवान को महागठबंधन में आने का खुला ऑफर दे दिया है। उधर, जेडीयू के ऑफर पर लोजपा(रामविलास) ने भी कह दिया है कि नीतीश से चिराग का कोई व्यक्तिगत नहीं बल्कि राजनीतिक मतभेद है। ऐसे में एक अब एक बार फिर बिहार की सियासत में कयासों के बाजार गर्म हो गए हैं।


दरअसल, बिहार की सियासत में दावत-ए-इफ्तार का बहुत ही खास महत्व रहा है। इफ्तार पार्टियों के जरीय यहां सियासी समीकरण बनते और बिगड़ते रहे हैं। पिछली साल आरजेडी के दावत-ए-इफ्तार में बिहार के सियासी समीकरण बदल गए थे। नीतीश कुमार एनडीए को छोड़ महागठबंधन में शामिल हो गए थे। रविवार को हुई आरजेडी की इफ्तार पार्टी में भी सियासी समीकरण बदलने के संकेत दिखने लगे हैं। आरजेडी की इफ्तार पार्टी में पहुंचे चिराग पासवान ने सीएम नीतीश कुमार के पैर छूकर आशीर्वाद लिए थे, तो इसकी खूब चर्चा हुई थी। अब जेडीयू ने चिराग पासवान को महागठबंधन में शामिल होने का खुला ऑफर दे दिया है।


जेडीयू के बड़े नेता केसी त्यागी ने कहा है कि आरजेडी की इफ्तार पार्टी में चिराग का आना सुखद पल था। उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार, लालू प्रसाद, शरद यादव और चिराग के पिता रामविलास पासवान एक ही परिवार के लोग हैं। रामविलास पासवान के निधन के बाद अब चिराग को ही उनकी राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ाना है। नीतीश कुमार के नेतृत्व में बनी महागठबंधन की सरकार में तेजस्वी साथ आ गए हैं, अगर चिराग पासवान भी महागठबंधन में आ जाते हैं तो यह कदम स्वागत योग्य होगा।


उधर,जेडीयू के ऑफर पर लोजपा (रामविलास) ने कहा है कि नीतीश से चिराग का कोई व्यक्तिगत नहीं बल्कि राजनीतिक मतभेद है। प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी ने कहा कि एक पार्टी में जाने पर इस तरफ का ऑफर देना कुछ ज्यादा ही जल्दबाजी है। राजू तिवारी ने कहा कि कल क्या होगा ये कहना मुश्किल है लेकिन अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। बेहद जल्दबाजी में ऑफर दे दिया गया है। रामविलास पासवान और लालू यादव के परिवार के बीच पुराना रिश्ता रहा है। दोनों परिवारों के बीच अच्छे संबंध हैं, इसलिए चिराग वहां गए थे।