1st Bihar Published by: Updated Jun 24, 2020, 9:19:58 AM
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DESK: आईएएस अधिकारी बी एम विजय शंकर की संदिग्ध स्थिति में मौत हो गई है. उनका शव बेंगलुरु में अपने आवास पर मिला है. जिसके बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है.
सीबीआई चालान चाहती थी मुकदमा
बताया जा रहा है कि सीबीआई 4 हजार करोड़ रुपये के आईएमए पोंजी घोटाले में आईएएस अधिकारी शंकर के खिलाफ मुकदमा चलाना चाहती थी. शंकर पर आईएमए पोंजी घोटाले पर पर्दा डालने के लिए कथित रूप से रिश्वत लेने का आरोप लगा था. इसको लेकर हाल ही में शंकर और दो अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा चलाने के लिए राज्य सरकार से अनुमति मांगी थी.
2019 में हुई थी गिरफ्तारी
कर्नाटक के सीएम एचडी कुमारस्वामी के कार्यकाल के दौरान 2019 में पुलिस ने बी एम विजय शंकर को गिरफ्तार किया था. जिसके बाद वह जमानत पर थे. जब बीजेपी की सरकार बनी तो इस मामले की जांच सीबीआई के हवाले कर दिया. बता दें कि मोहम्मद मंसूर खान ने 2013 में बड़ी रकम वापस करने का वादा कर पोंजी स्कीम शुरू की थी.