बिहार में इफ्तार पार्टी पर सियासत को VIP ने नकारा, कहा- इफ्तार का राजनीति में कोई स्थान नहीं, ये भाईचारे का प्रतीक

बिहार में इफ्तार पार्टी पर सियासत को VIP ने नकारा, कहा- इफ्तार का राजनीति में कोई स्थान नहीं, ये भाईचारे का प्रतीक

PATNA: बिहार में इफ्तार पर जारी सियासत के बीच 10 सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी आवास में आरजेडी ने दावत-ए-इफ्तार का आयोजन किया। इस मौके पर सैकड़ों रोजेदार इफ्तार में शामिल हुए। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, ललन सिंह, विजय चौधरी, चिराग पासवान, जीतनराम मांझी, पप्पू यादव, बिजेन्द्र यादव, बिहार विधानसभा अध्यक्ष अवध बिहारी चौधरी, विधान परिषद के सभापति देवेश चंद्र ठाकुर सहित कई नेता आरजेडी की इफ्तार पार्टी में शामिल हुए। 


बीजेपी इस तरह के आयोजनों को तुष्टीकरण की राजनीति बता रही है। बीजेपी का कहना है कि बिहार को इफ्तार की नहीं रफ्तार की जरूरत है। वही विकासशील इंसान पार्टी यानी वीआईपी का कहना है कि दावत-ए-इफ्तार या फिर किसी भी प्रकार के भोज में आमंत्रण का राजनीति में कोई स्थान नहीं है। यह एकता और भाईचारे का संदेश होता है।


विकासशील इंसान पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता देव ज्योति से जब यह पूछा गया कि राष्ट्रीय जनता दल की तरफ से पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास 10 सर्कुलर रोड में मनाए जा रहे दावत-ए-इफ्तार में विकासशील इंसान पार्टी को भी आमंत्रित किया गया था? तब मीडिया के इस सवाल का जबाव देते हुए देव ज्योति ने कहा कि किसी भी धर्म का पर्व एकता और भाईचारे का संदेश देता है। और यह सारी बातें राजनीति से ऊपर होनी चाहिए।


देव ज्योति ने यह भी बताया कि वीआईपी प्रमुख मुकेश सहनी का राज्य के सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के प्रमुख नेताओं से राजनीति से अलग पारिवारिक संबंध है। अगर वीआईपी, राजद के इफ्तार पार्टी में शामिल होती है तो इसका कोई राजनीतिक मायने नहीं निकाला जाना चाहिए।


देव ज्योति ने यह भी कहा कि देश के कई अन्य परस्पर विरोधी दल भी ऐसे मौके पर राजनीति को भूल अपने निजी और पारिवारिक संबंध को निभाते हैं। इफ्तार या भोज जैसे कार्यक्रमों के आयोजन में शामिल होने का एकमात्र उद्देश्य भाईचारे और आपसी सौहार्द को बढ़ाना होता है।