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भारतीय लोकतंत्र को पारदर्शी बनाने वाले टीएन शेषन नहीं रहे, पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त का निधन

CHENNAI : भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टी एन शेषन का निधन हो गया है। 86 साल के टी एन शेषन ने रविवार की रात अपने चेन्नई आवास पर अंतिम सांस ली। भारत में चुनाव को पारदर्शी और

FirstBihar
Santosh Singh
2 मिनट

CHENNAI : भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टी एन शेषन का निधन हो गया है। 86 साल के टी एन शेषन ने रविवार की रात अपने चेन्नई आवास पर अंतिम सांस ली। भारत में चुनाव को पारदर्शी और तटस्थ बनाए रखने के लिए टी एन शेषन का नाम हमेशा याद रखा जाएगा। टीएन शेषन का निधन कार्डिक अरेस्ट की वजह से हुआ है। वह 1990 से 1996 के बीच भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त रहे।

टी एन शेषन के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी सहित विपक्ष के कई बड़े नेताओं ने गहरा दुख व्यक्त किया है। शेषन तमिलनाडु कैडर के 1955 बैच के अधिकारी थे। वह भारत के 10वें चुनाव आयुक्त बने लेकिन चुनाव आयुक्त के तौर पर उनकी पारी बेहद यादगार रही। सरकार के दबाव में आए बगैर उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त की जिम्मेदारी ना केवल निभाई बल्कि भारतीय राजनीति को यह बता दिया कि चुनाव आयोग की तटस्थता क्या है।


टी एन शेषन के मुख्य चुनाव आयुक्त बनने के पहले चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर भारतीय जनमानस में बहुत स्पष्टता नहीं थी। आयोग की शक्तियों के बारे में आम भारतीय ज्यादा कुछ नहीं जानता था लेकिन शेषन में अपनी भूमिका से सबको यह बता दिया है कि भारतीय निर्वाचन आयोग की शक्तियां कितनी सशक्त हैं। 1997 में शेषन ने राष्ट्रपति का चुनाव लड़ा लेकिन के आर नारायणन के हाथों उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा। टी एन शेषन को भारत में चुनाव सुधारक के तौर पर हमेशा याद किया जाएगा।