ब्रेकिंग
दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके, उत्तराखंड के चमोली में 4.9 तीव्रता से हिली धरती✦सहरसा में बंद फ्लैट से 25 लाख के गहनों की चोरी, कामवाली और गार्ड पर मिलीभगत का शक✦भोजपुर में घर के बाहर खड़े प्रॉपर्टी डीलर को मारी गोली, गंभीर हालत में मेडिकोन हॉस्पिटल में एडमिट, CCTV खंगालने में जुटी पुलिस✦11 साल से फर्जी डिग्री पर कर रहा था सरकारी नौकरी! शेखपुरा के शिक्षक हरेराम को स्कूल से पुलिस ने दबोचा✦जहानाबाद के सरकारी स्कूल में बच्चों के बीच बैठकर डीएम ने खाया मिड-डे मील, कम उपस्थिति पर जताई नाराजगी✦दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके, उत्तराखंड के चमोली में 4.9 तीव्रता से हिली धरती✦सहरसा में बंद फ्लैट से 25 लाख के गहनों की चोरी, कामवाली और गार्ड पर मिलीभगत का शक✦भोजपुर में घर के बाहर खड़े प्रॉपर्टी डीलर को मारी गोली, गंभीर हालत में मेडिकोन हॉस्पिटल में एडमिट, CCTV खंगालने में जुटी पुलिस✦11 साल से फर्जी डिग्री पर कर रहा था सरकारी नौकरी! शेखपुरा के शिक्षक हरेराम को स्कूल से पुलिस ने दबोचा✦जहानाबाद के सरकारी स्कूल में बच्चों के बीच बैठकर डीएम ने खाया मिड-डे मील, कम उपस्थिति पर जताई नाराजगी

तीसरे चरण के ट्रायल में COVAXIN 77.8% असरदार, भारत बायोटेक ने ट्रायल डेटा DCGI को सौंपा

DESK: खबर भारत में बने कोवैक्सीन से जुड़ी है। कोरोना से बचाव को लेकर बने इस वैक्सीन को हैदराबाद की भारत बायोटेक कंपनी ने बनाया है। ICMR के साथ मिलकर भारत बायोटेक ने कोवैक्सीन

तीसरे चरण के ट्रायल में COVAXIN 77.8% असरदार, भारत बायोटेक ने ट्रायल डेटा DCGI को सौंपा
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

DESK: खबर भारत में बने कोवैक्सीन से जुड़ी है। कोरोना से बचाव को लेकर बने इस वैक्सीन को हैदराबाद की भारत बायोटेक कंपनी ने बनाया है। ICMR के साथ मिलकर भारत बायोटेक ने कोवैक्सीन को बनाया। फेज-3 के क्लीनिकल ट्रायल में कोवैक्सीन 77.8% असरदार साबित हुई है।


बायोटेक कंपनी ने पिछले हफ्ते ही ट्रायल का डेटा ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) को सौंपा था। जिस पर आज सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी (SEC) की अहम मीटिंग हुई। इसमें वैक्सीन के फेज-3 के ट्रायल के डेटा को मंजूरी दे दी गई है। गौरतलब है कि फेज-3 का ट्रायल 25,800 लोगों पर किया गया था। जिसमें यह पता चला कि कोरोना से लड़ने में  कोवैक्सीन कितना बचाव करती है।


SEC की मंजूरी के बाद इस डेटा को अब वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) में भी सब्मिट किया जा सकेगा। बता दें कि कोवैक्सीन को ट्रायल के नतीजे आए बगैर ही 5 महीने पूर्व आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी मिल गयी थी। बिना ट्रायल नतीजों के मंजूरी मिलने पर उस वक्त काफी विवाद भी हुआ था। टीकाकरण शुरू होने के बाद अब तक कोवैक्सीन का कोई दुष्प्रभाव सामने नहीं आया। भारत बायोटेक ने बताया कि वे चौथे चरण का भी ट्रायल कर रहे हैं।

टैग्स