ब्रेकिंग
होम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबकलंक कथा: भ्रष्ट DSP ने महिला मित्र के नाम पर 2025 में सिलीगुड़ी में खरीदा मकान, EOU ने आज ली तलाशी.....तेज प्रताप का बड़ा बयान: बिहार में फेल है शराबबंदी, इसलिए इस्तीफा देकर नीतीश कुमार जा रहे दिल्ली होम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबकलंक कथा: भ्रष्ट DSP ने महिला मित्र के नाम पर 2025 में सिलीगुड़ी में खरीदा मकान, EOU ने आज ली तलाशी.....तेज प्रताप का बड़ा बयान: बिहार में फेल है शराबबंदी, इसलिए इस्तीफा देकर नीतीश कुमार जा रहे दिल्ली

स्वास्थ्य विभाग ने जारी की नई गाइडलानइन, कोरोना मरीज को अस्पताल से डिस्चार्ज करने का नियम बदल गया

DESK : देश भर में कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ता देख स्वास्थ्य मंत्रालय ने अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीजों के डिस्चार्ज के नियमों में बड़ा बदलाव किया है.<a href="https://hindi.news18.com/news/nati

FirstBihar
Anamika
3 मिनट

DESK : देश भर में कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ता देख स्वास्थ्य मंत्रालय ने अस्पताल में भर्ती कोरोना मरीजों के डिस्चार्ज के नियमों में बड़ा बदलाव किया है. स्वास्थ्य मंत्रालय की तरफ से जारी की गई नई गाइड लाइन के मुताबिक अब गंभीर मामलों में ही कोरोना संक्रमित मरीजों की कई बार जांच की जाएगी. वहीं कोरोना से ठीक हो चुके वैसे मरीज जिनकी एक टेस्ट रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी है उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी.

बता दें कि देश में जारी लॉकडाउन के बीच भी कोरोना का संक्रमण तेजी से फैल रहा है. देश में कोरोना संक्रमितों की संख्या 60 हजार के पास पहुंच गई है. ऐसे में अस्पतालों के पास मरीजों को भर्ती करने का संकट सामने आने लगा है. जिसके बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने ये नई गाइडलाइन जारी की है. 


बता दें कि अभी कोरोना मरीज को तब ठीक नहीं माना जाता था जब तक 24 घंटे के अंदर दो बार हुए आरटी और पीसीआर टेस्ट की रिपोर्ट निगेटिव न आ जाए. लेकिन नए गाइडलाइन के अनुसार एक टेस्ट की रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही मरीज को अस्पताल से छुट्टी दे दी जाएगी. अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए नए दिशा निर्देश-जारी कर दिए गए हैं.

स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने  नए निर्देशों में साफ कर दिया है कि कोरोना मरीज को लक्षण दिखने के 10 दिनों के बाद अगर तीन दिन तक बुखार नहीं आता है तो उसे छुट्टी दे दी जाएगी. डिस्चार्ज से पहले जांच की कोई आवश्यकता नहीं होगी. मरीजों को घर पहुंचने के बाद भी सात दिनों के लिए क्वारंटाइन में रहना होगा. नए गाइडलाइन में यह साफ कहा गया है कि मरीजों को स्वास्थ्य केंद्रों में भर्ती कराए जाने के बाद अगर तीन दिनों तक कोरोना के लक्षण नहीं दिखाई देते हैं तो अगले चार दिनों के लिए उन्हें हल्के मामलों में वर्गीकृत कर दिया जाएगा.

इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Anamika

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

संबंधित खबरें