ब्रेकिंग
भरत तिवारी हत्याकांड की जांच का मामला पहुंचा गृह विभाग, सांसद सुधाकर सिंह के पत्र पर कार्रवाई के निर्देश✦तिरहुत शिक्षक MLC चुनाव: BJP के नरेंद्र प्रसाद सिंह को मिला जीत का सर्टिफिकेट, 594 वोटों से दर्ज की जीत✦ आंध्र और ओडिशा में भारी बारिश, यूपी-एमपी और बिहार में भी अलर्ट, 150 KM की रफ्तार से आगे बढ़ रहा चक्रवात अर्नब✦सारण शिक्षक MLC सीट पर निर्दलीय राहुल राज की जीत, BJP से बगावत कर लड़ा था चुनाव✦दरभंगा एमएलसी चुनाव: अफवाह फैलाने वालों पर डीएम नाराज, शिक्षक सीट पर जन सुराज के सुरेश प्रसाद राय आगे, कांग्रेस के मदन मोहन झा पीछे✦भरत तिवारी हत्याकांड की जांच का मामला पहुंचा गृह विभाग, सांसद सुधाकर सिंह के पत्र पर कार्रवाई के निर्देश✦तिरहुत शिक्षक MLC चुनाव: BJP के नरेंद्र प्रसाद सिंह को मिला जीत का सर्टिफिकेट, 594 वोटों से दर्ज की जीत✦ आंध्र और ओडिशा में भारी बारिश, यूपी-एमपी और बिहार में भी अलर्ट, 150 KM की रफ्तार से आगे बढ़ रहा चक्रवात अर्नब✦सारण शिक्षक MLC सीट पर निर्दलीय राहुल राज की जीत, BJP से बगावत कर लड़ा था चुनाव✦दरभंगा एमएलसी चुनाव: अफवाह फैलाने वालों पर डीएम नाराज, शिक्षक सीट पर जन सुराज के सुरेश प्रसाद राय आगे, कांग्रेस के मदन मोहन झा पीछे

पाकिस्तान के 14वें राष्ट्रपति बने आसिफ अली जरदारी, विवादों से रहा है पुराना नाता

DESK: आसिफ अली जरदारी पाकिस्तान के नए राष्ट्रपति चुन लिए गए हैं। जरदारी पाकिस्तान के 14वें राष्ट्रपति के चौर पर शपथ लेंगे। जरदारी दूसरी बार पाकिस्तान के राष्ट्रपति चुने गए हैं

पाकिस्तान के 14वें राष्ट्रपति बने आसिफ अली जरदारी, विवादों से रहा है पुराना नाता
Mukesh Srivastava
2 मिनट

DESK: आसिफ अली जरदारी पाकिस्तान के नए राष्ट्रपति चुन लिए गए हैं। जरदारी पाकिस्तान के 14वें राष्ट्रपति के चौर पर शपथ लेंगे। जरदारी दूसरी बार पाकिस्तान के राष्ट्रपति चुने गए हैं। जरदारी का विवादों से पुराना नाता रहा है। हत्या और भ्रष्टाचार के आरोप में वे 11 साल जेल में रह चुके हैं।


राष्ट्रपति चुनाव में जरदारी ने भारी बहुमत से जीत दर्ज की है। संसद के दोनों सदनों और देश का चार में तीन प्रांतों की विधानसभा में जरदारी को बहुमत मिला है। जरदारी ने कुल 411 वोट हासिल किया है जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी महमूद अचकजई को महज 181 वोट मिले हैं।


इससे पहले 2008 से 2013 के बीच वे पाकिस्तान के 11वें राष्ट्रपति रहे थे। सफलतापूर्क अपना कार्यकाल पूरा करने के बाद उन्होंने अगले राष्ट्रपति को कार्यभार सौंपा था। बेनजीर भुट्टो सरकार में उन्होंने कई अहम भूमिकाएं निभाई थीं लेकिन सरकार गिरने के बाद उन पर कई गंभीर आरोप लगे और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। जरदारी की पत्नी और पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो की हत्या के बाद उन्हें एक दशक तक जेल में रहना पड़ा था।