ब्रेकिंग
भरत तिवारी एनकाउंटर केस की न्यायिक जांच तेज, आरा में आयोग के कार्यालय पहुंचे रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा; गवाहों को जारी किया समनपटना पुलिस का बड़ा एक्शन: 29 फरार अपराधियों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित, पूरी लिस्ट देखिए..भारी बारिश के बीच दिल्ली में बड़ा हादसा, निर्माणाधीन इमारत गिरी; मलबे में कई लोगों के दबने की आशंकाबिहार में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा, सरकारी भवनों पर लगेंगे 500 मेगावाट सोलर प्लांटबिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: चार शहरों में विकसित होंगी आधुनिक सैटेलाइट टाउनशिपभरत तिवारी एनकाउंटर केस की न्यायिक जांच तेज, आरा में आयोग के कार्यालय पहुंचे रिटायर्ड जज विनोद कुमार सिन्हा; गवाहों को जारी किया समनपटना पुलिस का बड़ा एक्शन: 29 फरार अपराधियों पर 25-25 हजार का इनाम घोषित, पूरी लिस्ट देखिए..भारी बारिश के बीच दिल्ली में बड़ा हादसा, निर्माणाधीन इमारत गिरी; मलबे में कई लोगों के दबने की आशंकाबिहार में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा, सरकारी भवनों पर लगेंगे 500 मेगावाट सोलर प्लांटबिहार कैबिनेट का बड़ा फैसला: चार शहरों में विकसित होंगी आधुनिक सैटेलाइट टाउनशिप

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने ली MLC पद की शपथ, निर्विरोध हुए थे निर्वाचित

DESK : निर्विरोध चुने जाने के बाद सोमवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने एमएलसी पद की शपथ ली. इसके साथ ही महाराष्ट्र में संवैधानिक संकट टल गया है. इस दौरान सीएम क

FirstBihar
Anamika
2 मिनट

DESK : निर्विरोध चुने जाने के बाद सोमवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने एमएलसी पद की शपथ ली. इसके  साथ ही महाराष्ट्र में संवैधानिक संकट टल गया है. इस दौरान सीएम की  पत्नी शर्मीला ठाकरे और दोनों बेटे भी विधान भवन में मौजूद रहे.

सीएम उद्धव ठाकरे के साथ ही  4 मई को निर्विरोध चुने गए अन्य आठ लोगों को ने शपथ ली. विधानपरिषद के अध्यक्ष रामराजे निम्बालकर ने सभी को सदस्यता दिलाई. विधान परिषद की उपसभापति नीलम गोरे, भाजपा के रणजीत सिंह मोहिते पाटिल, गोपीचंद पाडलकर, प्रवीण दटके और रमेश कराड, राकांपा के शशिकांत शिंदे और अमोल मितकरी तथा कांग्रेस के राजेश राठौड़ ने आज शपथ ली. इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ख्याल रखा गया. सभी मास्क भी पहने दिखे. 

बता दें कि 28 नवंबर को उद्धव ठाकरे ने राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी. इसी वजह से उन्हें विधानसभा या विधान परिषद दोनों में से किसी एक सदन का सदस्य चुना जाना जरूरी हो गया था. 6 महीने की समयसीमा के अंदर उन्हें किसी भी सदन का सदस्य निर्वाचित होना जरूरी था. लेकिन कोरोना संकट के चलते विधानपरिषद के चुनाव टल गए थे. फिर महाराष्ट्र के गवर्नर भगत सिंह कोश्यारी ने विधानपरिषद के चुनाव जल्दी करवाने के लिए केंद्रीय चुनाव आयोग को चिठ्ठी लिखी थी. जिसके बाद केंद्रीय चुनाव आयोग ने फैसला लेते हुए महाराष्ट्र विधान परिषद का चुनाव करवाने को हरी झंडी दी थी.