ब्रेकिंग
पुलिस हेडक्वार्टर के सामने युवक की लाश मिलने से सनसनी, शव की पहचान करने में जुटी पुलिस धान खरीद में अनियमितता को लेकर EOU की जांच तेज, प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंपहोम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबपुलिस हेडक्वार्टर के सामने युवक की लाश मिलने से सनसनी, शव की पहचान करने में जुटी पुलिस धान खरीद में अनियमितता को लेकर EOU की जांच तेज, प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंपहोम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायब

Madarsa Board Shut Down: देशभर में बंद होंगे मदरसा? NCPCR ने सभी राज्यों को लिखा पत्र, फंडिंग पर तुरंत रोक लगाने को कहा

DELHI: देशभर में संचालित मदरसा पर खतरे की तलवार लटक गई है। राष्ट्रीय बाल अदिकारी संरक्षण आयोग ने सभी राज्यो को पत्र लिखकर कहा है कि राज्य सरकारें मदरसों की फंडिंग पर रोक लगाते हुए

Madarsa Board Shut Down: देशभर में बंद होंगे मदरसा? NCPCR ने सभी राज्यों को लिखा पत्र, फंडिंग पर तुरंत रोक लगाने को कहा
Mukesh Srivastava
2 मिनट

DELHI: देशभर में संचालित मदरसा पर खतरे की तलवार लटक गई है। राष्ट्रीय बाल अदिकारी संरक्षण आयोग ने सभी राज्यो को पत्र लिखकर कहा है कि राज्य सरकारें मदरसों की फंडिंग पर रोक लगाते हुए उन्हें जल्द से जल्द बद करें। बाल संरक्षण आयोग का मानना है कि इन मदरसों में बच्चों को बेसिक शिक्षा भी नहीं दी जा रहा है और इनका पूरा फोकस केवल धार्मिक शिक्षा पर रहता है।


राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग यानी एनसीपीसीआर ने सभी राज्यों के अलावा केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को इसको लेकर पत्र लिखा है और मदरसों को लेकर एक्शन लेने को कहा है। आयोग की मानें तो इन मदरसों में शिक्षा का अधिकार कानून यानी RTE का पालन नहीं किया जा रहा है। देशभर के मदरसों में बच्चों को न तो बेसिक शिक्षा दी जा रही है और ना ही मिड डे मील की कोई सुविधा। जिसके कारण बच्चों को जरूरी शिक्षा नहीं मिल पा रही है।


आयोग की तरफ से कहा गया है कि राज्य सरकार मदरसा और मदरसा बोर्ड को दिए जाने वाले फंड पर रोक लगाए। इसके साथ ही मदरसों में पढ़ने वाले गैर मुस्लिम बच्चों को वहा से हटाया जाए। संविधान की धारा 28 के अनुसार, मां-बाप की सहमति के बिना किसी गैर मुस्लिम बच्चे को धार्मिक शिक्षा नहीं दी जा सकता है। आयोग का मानना है कि एक ही संस्थान के भीतर धार्मिक और औपचारिक शिक्षा साथ-साथ नहीं दी जा सकती है।

इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Mukesh Srivastava

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

संबंधित खबरें