ब्रेकिंग
पुलिस हेडक्वार्टर के सामने युवक की लाश मिलने से सनसनी, शव की पहचान करने में जुटी पुलिस धान खरीद में अनियमितता को लेकर EOU की जांच तेज, प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंपहोम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायबपुलिस हेडक्वार्टर के सामने युवक की लाश मिलने से सनसनी, शव की पहचान करने में जुटी पुलिस धान खरीद में अनियमितता को लेकर EOU की जांच तेज, प्रशासनिक महकमे में मचा हड़कंपहोम्योपैथिक क्लिनिक की आड़ में चल रहा था अवैध स्प्रिट का काला खेल, उत्पाद विभाग संचालक को किया गिरफ्तारखराब सड़क-पुल पर ठेकेदारों की खैर नहीं, 82 अधिकारियों की टीम करेगी जांचKISHANGANJ: ठाकुरगंज में भ्रष्टाचार का बड़ा खुलासा: 4.04 लाख की निकासी पर घमासान, कागजों पर बनी सड़क, जमीन पर गायब

ISRO ने अंतरिक्ष में रचा इतिहास, स्पेडेक्स मिशन की लॉन्चिंग करने वाला चौथा देश बना भारत

DESK: ISRO ने अंतरिक्ष में इतिहास रच दिया है। स्पेडेक्स मिशन की लॉन्चिंग करने वाला भारत चौथा देश बन गया है। अब 7 जनवरी को बुलेट की स्पीड से तेज दो-स्पेसक्राफ्ट ISRO अंतरिक्ष में जो

ISRO ने अंतरिक्ष में रचा इतिहास, स्पेडेक्स मिशन की लॉन्चिंग करने वाला चौथा देश बना भारत
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

DESK: ISRO ने अंतरिक्ष में इतिहास रच दिया है। स्पेडेक्स मिशन की लॉन्चिंग करने वाला भारत चौथा देश बन गया है। अब 7 जनवरी को बुलेट की स्पीड से तेज दो-स्पेसक्राफ्ट ISRO अंतरिक्ष में जोड़ेगा। ISRO ने आज सोमवार 30 दिसंबर को श्रीहरिकोटा से रात 10 बजे SpaDeX (स्पेस डॉकिंग एक्सपेरिमेंट) मिशन को लॉन्च किया।


PSLV-C60 रॉकेट से दो स्पेसक्राफ्ट को पृथ्वी से 470 KM ऊपर डिप्लॉय किया गया है। ऐसा माना जा रहा है कि ISRO के Spadex मिशन की सफलता ही भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS) के बनने और चंद्रयान-4 मिशन की सफलता को तय करेगा। इसी वजह से   स्पेडेक्स मिशन की लॉन्चिंग को बेहद अहम माना जा रहा है।


 2 छोटे स्पेसक्राफ्ट टारगेट और चेजर इस मिशन में शामिल है। इसके अलावे एक और टेस्ट हो सकता है। सैटेलाइट से रोबोटिक आर्म निकले हैं, जो हुक के जरिए टारगेट को अपनी ओर खीचेंगे। ऐसा माना जा रहा है कि यदि यह प्रयोग सफल रहा तो ISRO को ऑर्बिट छोड़कर अलग दिशा में जा रहे सैटेलाइट को वापस कक्षा में लाने की तकनीक मिल जाएगी और सर्विसिंग का ऑप्शन भी खुल जाएगा।


इस खबर के बारे में

रिपोर्टर / लेखक

Jitendra Vidyarthi

FirstBihar न्यूज़ डेस्क

संबंधित खबरें