ब्रेकिंग
बख्तियारपुर में शिवचर्चा की आरती के दौरान घर में लगी आग, तीन लोगों की दर्दनाक मौतसासाराम में बोलेरो-ऑटो की टक्कर: CRPF जवान की मौत, पत्नी और दो बच्चों समेत 5 घायलस्कूल के औचक निरीक्षण में खुली व्यवस्थाओं की पोल, SDM ने प्रधानाचार्य को किया शो-कॉज, रसोइया बर्खास्तदरभंगा में दर्दनाक सड़क हादसा, स्कॉर्पियो की टक्कर से पति-पत्नी की मौत; LNMU में प्रोफेसर थीं बबीता देवीबिहार में बढ़ा नदियों का जलस्तर, अपने विधानसभा क्षेत्र राघोपुर में कटाव प्रभावित इलाकों का तेजस्वी यादव ने लिया जायजाबख्तियारपुर में शिवचर्चा की आरती के दौरान घर में लगी आग, तीन लोगों की दर्दनाक मौतसासाराम में बोलेरो-ऑटो की टक्कर: CRPF जवान की मौत, पत्नी और दो बच्चों समेत 5 घायलस्कूल के औचक निरीक्षण में खुली व्यवस्थाओं की पोल, SDM ने प्रधानाचार्य को किया शो-कॉज, रसोइया बर्खास्तदरभंगा में दर्दनाक सड़क हादसा, स्कॉर्पियो की टक्कर से पति-पत्नी की मौत; LNMU में प्रोफेसर थीं बबीता देवीबिहार में बढ़ा नदियों का जलस्तर, अपने विधानसभा क्षेत्र राघोपुर में कटाव प्रभावित इलाकों का तेजस्वी यादव ने लिया जायजा

ISRO ने अंतरिक्ष में रचा इतिहास, स्पेडेक्स मिशन की लॉन्चिंग करने वाला चौथा देश बना भारत

DESK: ISRO ने अंतरिक्ष में इतिहास रच दिया है। स्पेडेक्स मिशन की लॉन्चिंग करने वाला भारत चौथा देश बन गया है। अब 7 जनवरी को बुलेट की स्पीड से तेज दो-स्पेसक्राफ्ट ISRO अंतरिक्ष में जो

ISRO ने अंतरिक्ष में रचा इतिहास, स्पेडेक्स मिशन की लॉन्चिंग करने वाला चौथा देश बना भारत
Jitendra Vidyarthi
2 मिनट

DESK: ISRO ने अंतरिक्ष में इतिहास रच दिया है। स्पेडेक्स मिशन की लॉन्चिंग करने वाला भारत चौथा देश बन गया है। अब 7 जनवरी को बुलेट की स्पीड से तेज दो-स्पेसक्राफ्ट ISRO अंतरिक्ष में जोड़ेगा। ISRO ने आज सोमवार 30 दिसंबर को श्रीहरिकोटा से रात 10 बजे SpaDeX (स्पेस डॉकिंग एक्सपेरिमेंट) मिशन को लॉन्च किया।


PSLV-C60 रॉकेट से दो स्पेसक्राफ्ट को पृथ्वी से 470 KM ऊपर डिप्लॉय किया गया है। ऐसा माना जा रहा है कि ISRO के Spadex मिशन की सफलता ही भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS) के बनने और चंद्रयान-4 मिशन की सफलता को तय करेगा। इसी वजह से   स्पेडेक्स मिशन की लॉन्चिंग को बेहद अहम माना जा रहा है।


 2 छोटे स्पेसक्राफ्ट टारगेट और चेजर इस मिशन में शामिल है। इसके अलावे एक और टेस्ट हो सकता है। सैटेलाइट से रोबोटिक आर्म निकले हैं, जो हुक के जरिए टारगेट को अपनी ओर खीचेंगे। ऐसा माना जा रहा है कि यदि यह प्रयोग सफल रहा तो ISRO को ऑर्बिट छोड़कर अलग दिशा में जा रहे सैटेलाइट को वापस कक्षा में लाने की तकनीक मिल जाएगी और सर्विसिंग का ऑप्शन भी खुल जाएगा।