ब्रेकिंग
'गाना नहीं गा पा रहे, लोगों को बेवकूफ क्यों बना रहे हो?' दलेर मेहंदी पर भड़के उत्तराखंड के मंत्री सुबोध उनियाल✦मधेपुरा में दो जगह होगा रावण वध, दशहरा पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम; हुड़दंगियों पर रहेगी पुलिस की नजर✦बिहार में शराबबंदी की फिर खुली पोल, चिमनी भट्ठे के तहखाने से 1391 लीटर शराब बरामद✦रामकुमार सिंह हत्याकांड: तेजस्वी यादव ने पीड़ित परिवार से की वीडियो कॉल पर बात, न्याय दिलाने का दिया भरोसा✦पुलिस को देखते ही भगने लगा अपाची सवार युवक, तलाशी ली तो उड़ गए होश...✦'गाना नहीं गा पा रहे, लोगों को बेवकूफ क्यों बना रहे हो?' दलेर मेहंदी पर भड़के उत्तराखंड के मंत्री सुबोध उनियाल✦मधेपुरा में दो जगह होगा रावण वध, दशहरा पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम; हुड़दंगियों पर रहेगी पुलिस की नजर✦बिहार में शराबबंदी की फिर खुली पोल, चिमनी भट्ठे के तहखाने से 1391 लीटर शराब बरामद✦रामकुमार सिंह हत्याकांड: तेजस्वी यादव ने पीड़ित परिवार से की वीडियो कॉल पर बात, न्याय दिलाने का दिया भरोसा✦पुलिस को देखते ही भगने लगा अपाची सवार युवक, तलाशी ली तो उड़ गए होश...

‘वंदे मातरम्’ गाने से इनकार करने पर कांग्रेस की 2 महिला पार्षदों पर केस दर्ज, कहा..उनका धर्म उन्हें यह गाने की अनुमति नहीं देता

वंदे मातरम्’ गाने से इनकार करने वाली फौजिया शेख अलीम ने कहा कि भारतीय संविधान उन्हें धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है और कोई भी उन्हें इसे गाने के लिए मजबूर नहीं कर सकता।

मध्यप्रदेश न्यूज
वंदे मातरम गाने पर विवाद
© सोशल मीडिया
Jitendra Vidyarthi
3 मिनट

DESK: कांग्रेस की दो महिला मुस्लिम पार्षदों के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। रुबीना इकबाल खान और फोजिया शेख अलीम नामक इन दोनों कांग्रेस की महिला पार्षदों पर आरोप है कि इन्होंने वंदे मातरम गाने से मना कर दिया था। मामले की जांच किये जाने के बाद आरोप सही पाये जाने के बाद धारा 196/1 के तहत मामला दर्ज किया गया।  


मामला मध्य प्रदेश के इंदौर की है, जहां कांग्रेस की दो महिला पार्षदों के खिलाफ यह मामला दर्ज किया गया है। दरअसल ‘वंदे मातरम्’ गाने से इन दोनों मुस्लिम महिला पार्षदों इनकार कर दिया था। मामला सही पाये जाने के बाद एमजी रोड थाने की पुलिस ने कार्रवाई की। कांग्रेस की महिला पार्षद रुबीना इकबाल खान और फौजिया शेख अलीम के खिलाफ केस दर्ज किया गया हैं। यह मामला नगर निगम के बजट सत्र के दौरान सामने आया, जब दोनों पार्षदों ने ‘वंदे मातरम्’ गाने से मना कर दिया। इस घटना के बाद सदन में काफी हंगामा हुआ।


जिसके बाद भाजपा के पार्षदों ने संभागायुक्त और एमजी रोड थाने में शिकायत दर्ज की और कार्रवाई की मांग कर दी। पुलिस ने जब मामले की जांच की और संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए साथ ही साथ दोनों पार्षदों से भी पूछताछ की। जांच पूरी होने के बाद आरोप सही पाए गए, जिसके आधार पर धारा 196/1 के तहत मामला दर्ज किया गया।


हंगामे के दौरान स्पीकर ने फौजिया शेख अलीम को सदन से बाहर जाने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे हो चुके हैं और केंद्र सरकार के निर्देशानुसार इसे सभी सरकारी कार्यालयों में गाया जाना चाहिए।


बताया गया कि जब ‘वंदे मातरम्’ गाया जा रहा था, उस समय फौजिया शेख अलीम सदन में मौजूद नहीं थीं। बाद में सदन में पहुंचकर उन्होंने कार्यवाही में बाधा डाली। इस दौरान उन्होंने गीत को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां भी कीं। इसके चलते उन्हें एक दिन के लिए सदन से निलंबित कर दिया गया।


वहीं, फौजिया शेख अलीम का कहना है कि उनका धर्म उन्हें ‘वंदे मातरम्’ गाने की अनुमति नहीं देता। उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय संविधान उन्हें धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार देता है और कोई भी उन्हें इसे गाने के लिए मजबूर नहीं कर सकता।